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Maha Kumbh में भगदड़ के बाद अखाड़ों का स्नान शुरू, DIG बोले- अब भीड़ नियंत्रण में

Mauni Amavasya Snan Cancelled: आज मौनी अमावस्या पर सभी 13 अखाड़ों के नागा साधु और संत प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने वाले थे, लेकिन देररात मची भगदड़ को देखते हुए आज का स्नान रद्द कर दिया गया है और साथ ही अगले स्नान का दिन भी बता दिया गया है।

Maha Kumbh Stampede
Akhara Parishad Cancelled Shahi Snan: प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद अखाड़ों का पवित्र स्नान शुरू हो गया। DIG वैभव कृष्ण ने कहा कि अब भीड़ नियंत्रण में है। त्रिवेणी संगम को खाली कराकर अखाड़ों का स्नान शुरू कराया गया। अखाड़ों के साधु संत ग्रुपों में आएंगे और स्नान करेंगे। मुश्किल हालातों में अखाड़ों ने काफी सहयोग किया। लोग भी स्नान करके जा चुके हैं। बता दें कि देररात मची भगदड़ के बाद सुबह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान रद्द कर दिया था। अखाड़ा परिषद ने सभी 13 अखाड़ों की सहमति से यह फैसला किया था। साथ ही ऐलान किया था कि अब सभी अखाड़े बसंत पंचमी को महाकुंभ में स्नान करेंगे, लेकिन दोपहर तक मुख्यमंत्री और प्रशासन से बातचीत करके अखाड़ों को स्नान कराने का फैसला किया गया। भीड़ नियंत्रित होने के बाद ही स्नान शुरू कराया गया।   अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि आज मौनी अमावस्या पर सभी अखाड़ों के साधु-संत और नागा साधु पवित्र स्नान करते हैं और सुबह 4 बजे महाकुंभ के लिए निकलने की तैयारी थी कि महाकुंभ में भगदड़ मचने की खबर आ गई है। महाकुंभ में सबसे पहले महानिर्वाण अखाड़े के नागा साधु और संत स्नान करते हैं, जो महाकुंभ परिसर में पहुंच चुके थे, लेकिन उन्हें भी संगम पर जाने से रोक दिया गया है। 5 बजे से पहले स्नान शुरू हो जाना था, लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए और भगदड़ के हालातों के मद्देनजर आज पवित्र स्नान को रद्द किया जाता है।  

अखाड़ा परिषद की श्रद्धालुओं से खास अपील

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि जो घटना हुई, उससे हम दुखी हैं। हमारे साथ हजारों भक्त थे, लेकिन हालातों को देखते हुए सार्वजनिक हित में हमने फैसला किया कि अखाड़े आज पवित्र स्नान में भाग नहीं लेंगे। लोगों से अपील करता हूं कि वे आज के बजाय बसंत पंचमी पर स्नान के लिए आएं। यह घटना इसलिए हुई, क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट पर पहुंचना चाहते थे। इसके बजाय उन्हें जहां भी पवित्र गंगा दिखे, वहां डुबकी लगानी चाहिए। यह प्रशासन की गलती नहीं है। करोड़ों लोगों को संभालना आसान नहीं है, हमें अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए। प्रदेश पुलिस ने महाकुंभ में सुरक्षा और स्नान के सभी इंतजाम किए हैं, लेकिन जब ज्यादा भीड़ हो जाती है तो कभी-कभी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। प्रयागराज में गंगा, यमुना, सरस्वती का संगम है। पवित्र मौके पर महाकुंभ में पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण का संगम देखने को मिल रहा है। 144 साल बाद महाकुंभ लगा है तो इस मौके को लोग छोड़ना नहीं चाहते।


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