जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के 55 साल के एक आदमी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने राम मंदिर कॉम्प्लेक्स के अंदर से गिरफ्तार किया है. मिली जानकारी के अनुसार, आरोप है कि उसने सीता रसोई इलाके के पास नमाज पढ़ने की कोशिश की और रोके जाने पर नारे लगाए.
उस व्यक्ति की पहचान शोपियां के गडापोरा गांव के रहने वाले अब्दुल अहद शेख के रूप में हुई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेख शुक्रवार को हाई-सिक्योरिटी मंदिर परिसर में घुसा, मुख्य मंदिर में गया और फिर सीता रसोई सेक्शन में बैठकर नमाज पढ़ने की तैयारी करने लगा. जब सुरक्षाकर्मियों ने दखल दिया, तो उसने कथित तौर पर नारे लगाए, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया.
---विज्ञापन---
वहीं, दूसरी ओर शेख के परिवार ने एक अलग कहानी पुलिस को बताई है, जिसमें उन्हें पिछले छह सालों से मानसिक मंदता से पीड़ित एक मनोरोगी बताया गया है. उनके बेटे ने पत्रकारों को बताया कि अब्दुल अहद अपनी हालत की वजह से अक्सर इधर-उधर भटकते रहते हैं और उनका कोई गलत इरादा नहीं है. बेटे ने कहा, 'वह होश में नहीं रहते हैं और बिना किसी मकसद के घूमते रहते हैं.' इस दौरान अब्दुल अहद के बेटे ने अधिकारियों से पिता को लेकर नरमी बरतने की अपील की.
---विज्ञापन---
शोपियां पुलिस ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है और परिवार के दावों की पुष्टि करने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच शुरू कर दी है. अभी तक कोई औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं, लेकिन अयोध्या के अधिकारियों ने मौजूदा संवेदनशील हालात को देखते हुए मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया है.
राम मंदिर में हर किसी को दर्शन करने की अनुमति
राम मंदिर में दर्शन के लिए हर किसी को जाने की अनुमति होती है. इससे पहले भी कुछ विशेष समुदाय के लोग रामलला के दर्शन कर चुके हैं. राम मंदिर में प्रवेश करने के लिए सिर्फ श्रद्धालुओं की जांच की जाती है. आधार कार्ड या अन्य परिचय पत्र को चेक नहीं किया जाता. राम मंदिर में रोजाना एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं, केवल वीआईपी श्रद्धालु जो पास के माध्यम से दर्शन करते हैं उनका आधार कार्ड चेक किया जाता है. आम श्रद्धालुओं को चेकिंग के बाद प्रवेश दे दिया जाता है. किसी भी तरह का सामान ले जाने की अनुमति नहीं है.