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घरेलू झगड़े के चलते पति-पत्नी ने ट्रेन से कटकर दी जान, शराब का आदी था मृतक

husband and wife died train in sarnath: वाराणसी के सारनाथ में बुधवार रात पारिवारिक कलह में पहले पत्नी और फिर पति ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। ट्रेन आने के दौरान आसपास के लोग चीखते चिल्लाते रहे लेकिन दोनों पटरी से नहीं हटे। ट्रेन से कटकर दोनों का शव टुकड़ों में बंट गया। सूचना […]

husband and wife died train in sarnath: वाराणसी के सारनाथ में बुधवार रात पारिवारिक कलह में पहले पत्नी और फिर पति ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। ट्रेन आने के दौरान आसपास के लोग चीखते चिल्लाते रहे लेकिन दोनों पटरी से नहीं हटे। ट्रेन से कटकर दोनों का शव टुकड़ों में बंट गया। सूचना पाकर सारनाथ पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लिया। मामला सारनाथ के पंचकोशी का है। मृतक गोविंद सोनकर पंचकोशी का रहने वाला था। फल कारोबारी था और उसकी पत्नी खूशबू सोनकर गर्भवती थी। शराब की लत की वजह से घर में कलह होता था। बुधवार  रात  गोविंद शराब पीकर घर आया था। नशे में गोविंद खूशबु के साथ मारपीट करने लगा। विवाद के बाद खूशबु गुस्साकर रेलवे की तरफ दौड़ी और रेलवे ट्रैक पर लेट गई। इस दौरान पति गोविंद उसे बचाने पहुंचा।गोविंद के कहने के बावजूद खुशबू नहीं उठी, ट्रेन को सामने ट्रेन को आता देख गोविंद भी साथ में लेट गया। पति को पटरी पर देखकर खुशबू ने उसे हटाना चाहा लेकिन इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन दोनों को रौंदते हुए निकल गई। आसपास जुटे लोग ट्रेन देखकर दोनों को बचाने का प्रयास भी नहीं कर सके।

गोविंद पत्नी से रोज करता था मारपीट

पड़ोसियों ने बताया कि मृतक गोविंद शराब का लती था और दिन में भी नशे में रहता था। इसी बात की वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़ा भी होता था। पड़ोसियों ने बताया कि बीते बुधवार को गोविंद शराब पीकर आया था। जिसकी वजह से दोनों के बीच फिर लड़ाई-झगड़ा होने लगा। गोविंद ने खूशबू के साथ मारपीट करने लगा, तो पत्नी ने उससे जान देने की बात की तो उसने और उकसा दिया। घरेलू विवाद के बाद ट्रेन से कटे दंपत्ति के बीच गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत भी हो गई।

पंचायत में गोविंद ने मांगी थी माफी

मृतका खूशबू के भाई सुनील सोनकर ने बताया कि दोनों की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। गोविंद के शराब पीने और अन्य हरकतों की वजह से शादी के बाद से ही दोनों के बीच झगड़ा होना शुरू हो गया था। कुछ दिन पहले 26 सितंबर को रिश्तेदारों व परिवार की मौजूदगी में पंचायत हुई थी, लेकिन फिर बाद में वह खूशबु के साथ मारपीट करने लगा था।

तीन मासूमों को अकेला छोड़ गए माता पिता

मृतक गोविंद सोनकर की फल की दुकान थी। दंपत्ति के अभी तीन बच्चे हैं। परिजनों ने बताया कि खुशबू पिछले कुछ महीनों से गर्भवर्ती थी। मृतक गोंविद और खूशबू के तीन बच्चे में सबसे बड़ी बेटी लाडो चार साल, परी तीन साल और सबसे छोटा बेटा भोला छह महीने का है। घटना के बाद बच्चे मां और पिता को याद करके रोते रहे। बच्चों की हालत देखकर हर किसी की आंखे नम हो गई।


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