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पूर्वांचल के लोगों के लिए गुड न्यूज, गाजियाबाद से हाईटेक बस में करेंगे सफर

Uttar Pradesh Ghaziabad News : गाजियाबाद परिवहन निगम पूर्वांचल के लिए हाईटेक एसी बसें चलाएगा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से 78 बसें गाजियाबाद को मिली है। बताया जा रहा है कि 45 सीटर इन बसों में सीट पर एलईडी टीवी, शौचालय ,पैनिक बटन जैसी तमाम सुविधाएं होंगी।

HI tech bus
Uttar Pradesh Ghaziabad News (जुनेद अख्तर) : उत्तर प्रदेश परिवहन निगम गाजियाबाद से प्रदेश के दूसरे शहरों के लिए एसी बसें चलाएगा। इसके लिए शासन स्तर से विशेष रूप से आदेश जारी हुए हैं। पूरे प्रदेश में 500 से अधिक वॉल्वो बसें अलग-अलग रीजन को आवंटित की गई हैं। जिसमें गाजियाबाद को 30 वॉल्वो बसें मिली हैं। ये बसें किन रूटों पर चलेंगी इसके लिए एक महीने में सर्वे करके मुख्यालय को रिपोर्ट पेश की जानी है। सूत्रों से पता चला है कि इनमें से ज्यादातर बसें पूर्वांचल रूटों पर चलाई जाएंगी। इन शहरों को जाना होगा आसान गाजियाबाद रीजन के आरएम केएन चौधरी का कहना है कि गाजियाबाद से पूर्वांचल के कुछ रूटों पर जिसमें कुशीनगर, देवरिया, सनौली और बस्ती वाले इलाके हैं, इन रूटों पर बसों की संख्या तो अधिक है लेकिन यहां के लिए एसी बसें चलती ही नहीं हैं। जो बसें चलती भी हैं, उनकी संख्या मुश्किल से दो या तीन है। ऐसे में गर्मियों में लोगों को चलने में काफी परेशानी होती है। जबकि कौशांबी डिपो से तीज त्येाहर हो या फिर दूसरा कोई समय अधिकतर लोग एसी बसों से जाना ही पसंद करते हैं। इन बसों में टॉयलट भी होगा परिवहन अधिकारियों के मुताबिक, जिस तरह की एसी बसें मंगवाई जा रही हैं वह काफी अत्याधुनिक हैं। इनकी सीट काफी कंफर्टेबल है। साथ ही इनमें हर सीट पर एलईडी टीवी, शौचालय ,पैनिक बटन जैसी तमाम सुविधाएं होंगी। हर बस 45 सीटर होगी। अधिकारियेां का कहना है कि इन वॉल्वो बसों को लंबी रूट पर ही चलाने की प्लानिंग है। हालांकि पिछले साल भी 250 बसों का प्रस्ताव अलग-अलग श्रेणियों में मुख्यालय को भेजा गया था, लेकिन इनमें अब तक केवल 78 बसें ही गाजियाबाद रीजन को मिली हैं। अभी भी 172 बसें आनी बाकी हैं। [poll id="77"] सीएनजी बसों की है जरूरत जिस तरह से प्रदूषण के कारण सीएक्यूएम की तरफ से लगातार प्रदूषण करने वाली बसों के खिलाफ प्रतिबंध लगाया जा रहा है उसे देखते हुए गाजियाबाद रीजन को वर्तमान समय में सीएनजी बसों की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन अभी तक एक भी सीएनजी बसें नहीं आई हैं। केवल ऑर्डिनरी बसें ही आई हैं। कुल 80 सीएनजी बसों की मांग की गई थी। लेकिन अभी इनमें से एक भी बस नहीं मिल पाई है।


 


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