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वक्फ बिल को लेकर रिपोर्ट देने वाली JPC के अध्यक्ष, BJP के तेजतर्रार सांसद जगदंबिका पाल कौन?

पिछले साल अगस्त में वक्फ बिल को सदन में पेश किया गया था, तब विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था। इसके बाद मामले में एक संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट फरवरी में पेश की थी। इस समिति के अध्यक्ष सांसद जगदंबिका पाल बनाए गए थे। उनके बारे में जानते हैं।

पिछले साल अगस्त में विपक्ष के हंगामे के बीच वक्फ बिल को लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद भाजपा सांसद जगदंबिका पाल के नेतृत्व में एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया गया था। लोकसभा में वक्फ बिल पेश होने से पहले जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने गुरुवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला। वक्फ संपत्ति प्रबंधन के लिए इसे 'ऐतिहासिक दिन' बताते हुए पाल ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं के विरोध की आलोचना की। पाल ने कहा कि 'वे मुसलमानों को वोट बैंक के तौर पर देखते हैं।' वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को 11 घंटे की लंबी बहस के बाद 2 अप्रैल को सदन में पारित किया गया था। भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा जोरदार समर्थन प्राप्त इस विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े थे, जबकि इसके खिलाफ 232 वोट पड़े।

1 दिन के लिए बने थे सीएम

21 अक्टूबर 1950 को जन्मे जगदंबिका पाल बड़े नेता माने जाते हैं, जो उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं। 7 मार्च 2014 को उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से नाता तोड़ लिया था, जिसके बाद में 2014 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। वे 1998 में एक दिन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो जेपीसी प्रमुख स्नातकोत्तर हैं। यह भी पढ़ें:‘PM मोदी मेरे दोस्त, लेकिन सही व्यवहार नहीं कर रहे…’, भारत पर टैरिफ लगाने को लेकर क्या बोले ट्रंप? वक्फ बिल की शुरुआत सदन में हंगामे के साथ हुई थी। विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेताओं और सदस्यों ने इसका जमकर विरोध किया। विपक्ष द्वारा किए गए संशोधनों को अस्वीकार किए जाने के बाद बिल के स्पष्ट रूप से पारित होने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद से चले गए थे। वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को गुरुवार दोपहर 1 बजे केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

पैनल ने स्वीकार किए बदलाव

पिछले साल अगस्त 2024 में विपक्ष के हंगामे के बीच वक्फ विधेयक को लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद समीक्षा के लिए जगदंबिका पाल के नेतृत्व में जेपीसी का गठन किया गया था। सदन के पैनल ने इस साल 13 फरवरी को अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसे 19 फरवरी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। बाद में पैनल ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा सुझाए गए 14 बदलावों को स्वीकार कर लिया। उन्होंने कथित तौर पर विपक्ष द्वारा प्रस्तावित सभी 44 बदलावों को खारिज कर दिया। यह भी पढ़ें:UP-बिहार में गर्मी के बीच बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम; पढ़ें IMD का ताजा अपडेट


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