Azam Khan release What impact on UP politics: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 72 केसों में जमानत मिलने के बाद आज सीतापुर जेल से रिहा हो गए. उनके जेल से बाहर आने से उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है. जेल में रहते हुए आजम खान ने कई बार अपनी नाराजगी जाहिर की थी, जिससे उनके और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच संबंधों पर सवाल खड़े हुए थे. अब यह देखना अहम होगा कि दोनों के बीच की केमिस्ट्री कैसी रहती है. आजम खान की रिहाई पर अखिलेश यादव ने कोर्ट का आभार जताया और कहा कि हम समाजवादियों को विश्वास था कि न्यायालय न्याय करेगा. हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भाजपा द्वारा कोई भी झूठा मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और कोई अन्याय नहीं होगा.
यह भी पढ़ें: आजम खान कितने दिन रहेंगे जेल से बाहर? 72 केसों में जमानत मिलने पर छूटे, पर अभी पेंडिंग हैं 78 मामले
सपा की राजनीति में आएगा बदलाव
आजम खान के बाहर आने से रामपुर और उसके आसपास के इलाकों में सपा की राजनीति में बदलाव आएगा. रामपुर में सपा के मौजूदा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का प्रभाव कम हो सकता है, जबकि आजम का दबदबा फिर से बढ़ सकता है. आजम खान जैसे कद्दावर नेता की वापसी से सपा की रणनीति, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, प्रभावित होगी. यह सपा के लिए एक मजबूत वापसी का अवसर हो सकता है.
यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का नया चुनावी गाना लॉन्च, वीडियो में आजम खान भी दिखेंगे
मुस्लिम वोटों पर दिखेगा असर, बसपा पर नजर
आजम खान उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं. उनकी वापसी से सपा मुस्लिम वोट बैंक पर अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश करेगी. बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह ने आजम खान का बसपा में स्वागत करने की बात कहकर हलचल मचा दी थी. यदि आजम खान सपा से नाता तोड़ते हैं तो बसपा मुस्लिम-दलित गठजोड़ बनाने की कोशिश कर सकती है, जो सपा और भाजपा दोनों के लिए चुनौती होगी.
यह भी पढ़ें: जेल से रिहा हुए आजम खान, 23 महीने बाद आए बाहर, परिवार और समर्थकों में जश्न का माहौल
2027 के विधानसभा चुनाव पर प्रभाव
आजम खान की वापसी से न केवल सपा, बल्कि अन्य विपक्षी दल भी सतर्क हैं. खासकर बसपा और कांग्रेस, जो मुस्लिम वोटों को अपने पाले में करने की कोशिश में हैं. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि आजम खान की वापसी सपा के लिए फायदेमंद होगी, जबकि कुछ का मानना है कि उनके पुराने तेवर और पार्टी से बढ़ती दूरी से मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं.
राजनीति में कितने सक्रिय रह पाते हैं आजम
लंबे समय तक जेल में रहने के कारण आजम खान के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है. यह देखना होगा कि वे कितनी सक्रियता से राजनीति में उतरते हैं. अब देखना यह होगा कि अगर आजम खान सपा में बने रहते हैं या कोई नया राजनीतिक रास्ता चुनते हैं तो यह फैसला यूपी की सियासत में आने वाले समय में क्या बदलाव लेकर आता है.
संबंधित खबरें
वृंदावन में हादसा या लापरवाही? सफाई करने टैंक में उतरे 4 छात्रों की मौत
6 hrs agoदिल्ली-NCR और उत्तर भारत में कांपी धरती, उत्तराखंड में 4.9 तीव्रता का भूकंप
14 hrs agoअब नहीं रोकेगी पढ़ाई, गांव में खुला ज्ञान का डिजिटल द्वार: सीएम योगी
16 hrs agoनोएडा एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस में आग, बिहार जा रहे 30 यात्री बस से कूदे
18 hrs agoक्या मौत से पहले डिप्रेशन में था प्रेमानंद महाराज का शिष्य रसिक दुलारी?
1 day agoपीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने जमीन पर उतारा: सीएम योगी
1 day agoUP राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट नहीं उतारेंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव?
1 day agoUP सरकार का बड़ा फरमान, अब दवाओं की मनमानी कीमत पर लगेगी लगाम
1 day agoLPG: e-KYC न कराने पर गाजियाबाद में 1.5 लाख घरों में गैस सिलेंडर बुकिंग बंद
1 day agoपावर स्टार पवन सिंह पर 1000 रुपए जुर्माना, फैमिली कोर्ट में नही हुए पेश
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines