Sanjay Raut: अगर प्रियंका गांधी वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी, तो निश्चित रूप से उन्हें जीत मिलेगी। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) नेता संजय राउत ने ये दावा किया है। राउत ने कहा कि वाराणसी के वोटर्स प्रियंका गांधी को चाहते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि रायबरेली, वाराणसी और अमेठी की लड़ाई भाजपा के लिए इस बार कठिन है।
प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने इससे पहले कहा था कि उनकी पत्नी को लोकसभा में होना चाहिए और उनके पास सांसद बनने की सारी योग्यताएं हैं। वाड्रा ने कहा था कि वे वहां रहने की हकदार हैं। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी इसे लेकर योजना बनाएगी।
ठाणे हॉस्पिटल केस को लेकर शिंदे सरकार पर साधा निशाना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृहक्षेत्र ठाणे के सरकारी हॉस्पिटल में 24 घंटे में हुई 18 मरीजों की मौत को लेकर भी संजय राउत ने शिंदे सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये आंकड़ा 24 घंटे का है, मुझे लगता है कि अगर दो महीने का आंकड़ा लिया जाए तो बड़ी संख्या सामने आएगी। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री शिंदे कहां हैं?
शिंदे ने कहा कि आपके (शिंदे) ठाणे में जहां से आप विधायक हो, मुख्यमंत्री बने हो, उस ठाणे में 8 लोगों की मौत हो गई है। आप कहां बैठे हो? मैंने सुना है कि मुख्यमंत्री की तबीयत खराब है, इसलिए वs महाबलेश्वर में जाकर आराम कर रहे हैं।
राउत बोले- जब से ये सरकार आई, मौत का तांडव जारी है
राउत ने कहा कि जब से शिंदे-फडणवीस की सरकार आई है, तब से यहां मौत का तांडव जारी है। समृद्धि महामार्ग पर सैकड़ों लोग मारे गए। महाराष्ट्र भूषण के कार्यक्रम में खारघर में 20-25 लोग मारे गए। अब ठाणे में 18 लोगों की मौत हुई है, कहां गए भाजपा के पोपटलाल?
अजीत और शरद पवार की मीटिंग पर क्या बोलें राउत?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार के बीच हुई बैठक को लेकर राउत ने कहा कि महा विकास आघाडी पर उसका असर अभी तो नहीं दिख रहा है। लेकिन जो भ्रम का माहौल बना है, उसे दूर करना जरूरी है।
राउत ने कहा कि अजीत पवार आज डिप्टी सीएम हैं। उन्होंने एनसीपी तोड़कर बीजेपी के साथ हाथ मिलाया है और जो लोग शरद पवार के साथ हैं, वे सड़क पर लड़ रहे हैं। आप उनको क्या संदेश दे रहे हो? ऊपर दो नेता बैठकर चाय पी रहे हैं, अपने रिश्ते निभा रहे हैं और नीचे कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।
राउत ने कहा कि अगर मैं एकनाथ शिंदे के साथ 10 दिन बैठकर चाय पर बैठक करूंगा, तो हमारे कार्यकर्ताओं में क्या संदेश जाएगा? उन्होंने कहा कि शिवसेना का डीएनए अलग है। शायद उनका (एनसीपी) डीएनए अलग होगा, लेकिन हम एक साथ काम कर रहे हैं।