इंस्टाग्राम पर प्रेमिका द्वारा ब्लॉक किए जाने से टूटे एक युवक ने खुदकुशी का फैसला किया, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया. गोली खुद को लगी, दर्द बढ़ा और डर में उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए हमले की झूठी कहानी सुना दी. मगर सूरजगढ़ पुलिस की पैनी जांच के आगे यह कहानी ज्यादा देर टिक नहीं सकी.
सुनाता रहा एक ही कहानी
एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के मुताबिक, 28 दिसंबर को काकोडा निवासी अजय उर्फ दीपू (23) ने एम्बुलेंस को फोन कर दावा किया कि दो अज्ञात बदमाशों ने उस पर फायरिंग की और फरार हो गए. घायल अजय को अस्पताल पहुंचाया गया. दो दिन तक वह पुलिस और डॉक्टरों को यही बताता रहा कि उस पर जानलेवा हमला हुआ है. लेकिन कहानी में झोल था, बयानों में विरोधाभास, घटनास्थल पर साक्ष्यों की कमी और जख्मों की प्रकृति ने शक गहरा दिया.
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पुलिस की सख्ती के आगे टूटा अजय
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अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद थानाधिकारी रणजीत सिंह सेवदा के नेतृत्व में जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो अजय टूट गया. उसने कबूल किया कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद प्रेमिका ने उसे ब्लॉक कर दिया था. इसी सदमे में वह आत्महत्या करने चला था.
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लोड करते समय चली गोली
आरोपी के मुताबिक, 28 दिसंबर शाम करीब 7 बजे अवैध देशी कट्टे को लोड करते वक्त अचानक ट्रिगर दब गया. गोली सीधे उसके बाएं हाथ में जा लगी. पकड़े जाने के डर से उसने कट्टा प्लास्टिक की थैली में लपेटकर घर के पास ट्यूबवेल के स्टार्टर के नीचे छिपा दिया और खुद ही एम्बुलेंस बुलाकर 'हमले' का ड्रामा रच दिया.
हथियार भी मिला, झूठ भी पकड़ में आया
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ट्यूबवेल से 1 अवैध देशी कट्टा और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए. इसका कोई लाइसेंस नहीं था. जिसके चलते उसकी सीधे आर्म्स एक्ट में गिरफ्तारी हुई. अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इतने कारतूस और हथियार आरोपी तक पहुंचे कैसे.