हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

अरावली के नाम पर राजनीति की विरासत: जयपुर की सड़कों पर पहली बार दिखे ‘पायलट परिवार’ की तीसरी पीढ़ी

जयपुर की सर्द सुबह में जब अरावली को बचाने के नारे गूंज रहे थे, तब यह पैदल मार्च सिर्फ एक पर्यावरण आंदोलन नहीं रह गया. यह मार्च कांग्रेस की उस राजनीतिक विरासत का जीवंत दृश्य बन गया, जिसने दशकों से राजस्थान की राजनीति को दिशा दी है.

विज्ञापन

जयपुर की सर्द सुबह में जब अरावली को बचाने के नारे गूंज रहे थे, तब यह पैदल मार्च सिर्फ एक पर्यावरण आंदोलन नहीं रह गया. यह मार्च कांग्रेस की उस राजनीतिक विरासत का जीवंत दृश्य बन गया, जिसने दशकों से राजस्थान की राजनीति को दिशा दी है.

एनएसयूआई के आह्वान पर निकले इस मार्च की अगुवाई कर रहे थे एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, लेकिन चर्चा का केंद्र बन गया एक ऐसा चेहरा, जिसे राजनीति ने अब तक छुआ भी नहीं था. सचिन पायलट के बड़े बेटे आरहन पायलट.

राजेश पायलट की जनसभाओं से लेकर सचिन पायलट की युवा राजनीति तक, पायलट परिवार का सफर अब एक नई दहलीज पर खड़ा नजर आया. पहली बार किसी सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रम में आरहन पायलट दिखाई दिए. सफेद शर्ट, नीला ट्राउजर, लंबा कद, चेहरा शांत, लेकिन आंखों में जिज्ञासा. वे न मंच पर थे, न माइक पर बल्कि भीड़ के बीच, कदम से कदम मिलाते हुए.

विज्ञापन

दिलचस्प यह रहा कि जहां सचिन पायलट आगे-आगे मार्च का नेतृत्व कर रहे थे, वहीं पीछे एक अलग ही तस्वीर बन रही थी. आमतौर पर सचिन पायलट की परछाई माने जाने वाले निजी सचिव निरंजन सिंह आज नई भूमिका में थे. वे सचिन के साथ नहीं, बल्कि उनके बेटे आरहन के साथ चलते दिखे. मानों अनुभव अगली पीढ़ी की सुरक्षा में सौंप दिया गया हो.

आरहन को देखने की उत्सुकता इतनी थी कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ उनके आस-पास जमा हो गई. कोई हाथ मिलाना चाहता था, कोई सेल्फी. कांग्रेस के झंडों और नारों के बीच यह साफ महसूस किया जा सकता था कि लोग सिर्फ अरावली बचाने नहीं आए थे, वे भविष्य की राजनीति की एक झलक भी देख रहे थे.

विज्ञापन

हालांकि आरहन ने अपने दादा राजेश पायलट और पिता सचिन पायलट की तरह अग्रिम पंक्ति में खड़े होने का कोई संकेत नहीं दिया. वे पीछे-पीछे, थोड़ी दूरी बनाकर चलते रहे, जैसे यह जताना हो कि यह अभी शुरुआत है, दावा नहीं.

इस पैदल मार्च ने एक संदेश साफ कर दिया- अरावली बचाने की लड़ाई में आज एक नई पीढ़ी ने पहली बार कदम रखा है. जयपुर की सड़कों पर गूंजते नारों के बीच राजनीति ने अपने भविष्य को चुपचाप चलते हुए देखा.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola