जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में दो खेमों के बीच चल रही खींचतान के बीच अब मंत्रियों में भी विवाद सामने आ रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदर और खीचतान बढ़ सकती है। दरअसल, ब्यूरोक्रेसी के कामकाज को लेकर अब गहलोत सरकार के दो मंत्रियों के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया है। मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और महेश जोशी ने एक-दूसरे पर निशाना साधा है।
प्रदेश में अधिकारीयों की ACR भरने को लेकर उपजे विवाद के बाद मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और महेश जोशी ने एक-दूसरे पर निशाना साधा था। लेकिन अब मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने आज प्रेस वार्ता में कहा कि मुझे महसूस हुआ कि कल मैंने जो शब्द महेश जोशी के लिए काम में लिए वो गलत है। मेरी बात का कोई खंडन करता है तो मुझे बुरा लगता है।
आगे उन्होंने कहा कि मैं परसादी लाल मीणा के इश्यू पर उनके साथ खड़ा रहा। एसीआर मिनिस्टर का राइट हैं, उन्हें मिलना चाहिए। मेरे शब्दों से महेश जोशी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। हमारे बीच कोई टकराव नहीं है हम सब एक होकर काम कर रहे हैं। बता दें कि प्रताप सिंह ने एसीआर भरने को लेकर गुरुवार को अपनी ही पार्टी के मंत्री महेश जोशी को गुलाम जैसे शब्दों से संबोधित किया था, लेकिन महेश जोशी की तरफ से आए पलटवार के बाद प्रताप सिंह ने 24 घंटे में ही अपने बयान को वापस ले लिया।
बता दें कि शुक्रवार को जयपुर में महेश जोशी ने सधे हुए शब्दों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के बयान पर कहा कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति हो सकती है। लेकिन गुलाम बताना ठीक नहीं है। मैं कांग्रेस पार्टी का गुलाम हूं। मैं शालीन व्यवहार का गुलाम हूं। मैं हमेशा सभ्य तरीके से अपनी बातों को रखता हूं। मैंने कभी किसी के सम्मान में कमी नहीं रखी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने कभी किसी को गद्दार या गुलाम नहीं कहा है। इसके बाद मंत्री प्रताप सिंह बैकफुट पर आ गए।