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अब भारत नहीं बनेगा अवैध प्रवासियों की शरणस्थली, जोधपुर से 148 बांग्लादेशी किए गए डिपोर्ट

राजस्थान से अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कड़ी में आज जोधपुर में 148 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। ये सभी लोग लंबे समय से भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज भी बनवा रखे थे।

Rajasthan Jodhpur police
राजस्थान में अवैध बांग्लादेशियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में रह रहे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने का अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत राजस्थान के 17 जिलों से अब तक 1008 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है, जिनमें सबसे ज्यादा 761 जयपुर रेंज से हैं। साथ ही सीकर जिले में 394 अवैध प्रवासियों की गिरफ्तारी हुई। इस कड़ी में आज जोधपुर से 148 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। ये सभी लोग लंबे समय से अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। इन पर न केवल बिना दस्तावेज देश में रहने का आरोप है, बल्कि इन्होंने फर्जी दस्तावेज भी बनवा रखे थे। राजस्थान पुलिस ने बीते कुछ दिनों में इनके खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। सीकर से 150 नागरिकों को जोधपुर भेजा जाएगा बता दें कि आज जोधपुर में पहली खेप के तौर पर 148 बांग्लादेशियों को सीकर पुलिस लेकर पहुंची। यहां उन्हें जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से विशेष सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल रवाना किया गया, जहां से उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा। यह कार्रवाई ना सिर्फ कानून व्यवस्था के लिहाज से अहम है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत अब अपनी सीमाओं और सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेगा। सीएम भजनलाल ने दिए थे निर्देश 30 अप्रैल को अभियान चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित हाई लेवल मीटिंग में सीएम भजनलाल ने राजस्थान में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था, कि राज्य की सुरक्षा और सामाजिक समरसता को प्रभावित करने वाले ऐसे तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कई एजेंसियों ने मिलकर चलाया था अभियान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि चिन्हित अवैध बांग्लादेशियों को जल्द से जल्द डिपोर्ट किया जाए। बैठक में गृह विभाग, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए थे कि अभियान के तहत संदिग्ध बस्तियों में विशेष तलाशी और सत्यापन अभियान चलाया जाए।


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