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पॉलिथिन में सिर, हाथ पीछे की ओर रस्सी से बंधे थे; कोटा में छात्र के सुसाइड के तरीके को देख दंग हुई पुलिस

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कोटा में पिछले दिनों एक छात्र ने सुसाइड कर ली थी। हॉस्टल के कमरे में छात्र ने एक नोट भी छोड़ा था।

Kota Student Suicide Note: कोटा में गुरुवार को एक और कोचिंग स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। जानकारी के बाद कमरे में पहुंची पुलिस छात्र के सुसाइड के तरीके को देखकर हैरान रह गई। छात्र का सिर पॉलिथिन में था, जबकि उसके हाथ पीछे की ओर रस्सी से बंधे थे। छात्र के माता-पिता ने इसे हत्या बताया है।

छात्र की पहचान 18 साल के मनजोत सिंह के रूप में हुई है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का रहने वाला मनजोत कोटा में मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी कर रहा था। छात्र के सुसाइड की खबर सुनकर पहुंची पुलिस ने बताया कि कमरा अंदर से बंद था।

दरवाजा तोड़कर जब पुलिस की टीम अंदर पहुंची तो मनजोत के चेहरे पर पॉलीथिन लपेटा हुआ था और हाथ पीछे की ओर रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस ने बताया कि कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। मनजोत ने हॉस्टल के रूम की दीवार पर नोट लिखकर छोड़ा था।

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छात्र ने सुसाइड नोट में क्या लिखा था?

पीले कागज के तीन टुकड़े चिपकाए थे। एक में सॉरी लिखा था, जबकि दूसरे में लिखा था कि मैंने जो भी किया है, अपनी मर्जी से किया है। तो प्लीज मेरे दोस्तों और पैरेंट्स को परेशान ना करें। तीसरे कागज के टुकड़े में उसने अपने पापा को जन्मदिन की बधाई देते हुए ‘हैप्पी बर्थडे पापा’ लिखा।

पिछले महीने 17 साल के छात्र ने की थी आत्महत्या

पिछले महीने, कोटा में आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा एक 17 वर्षीय छात्र मृत पाया गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने लड़के को उसके हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका हुआ पाया था।

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राजस्थान का कोटा अपने कोचिंग सेंटरों के लिए मशहूर है और अब छात्रों की आत्महत्या के लिए बदनाम है। अनुमान है कि इस शैक्षणिक सत्र में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए 2.25 लाख से अधिक छात्र शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में कक्षाएं ले रहे हैं।

मई में 5 छात्रों ने की थी आत्महत्या

अकेले मई में, कोटा में 9 मई से 27 मई के बीच कम से कम पांच छात्रों ने आत्महत्या की थी। छात्रों के माता-पिता का आरोप है कि प्रतिस्पर्धी माहौल के कारण होने वाले तनाव से निपटने के लिए छात्रों को उचित परामर्श नहीं दिया जा रहा है। बता दें कि हर साल, देश भर से लाखों छात्र देश के टॉप इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रमुख शिक्षा केंद्र में आते हैं।

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पिछले कुछ वर्षों में, कोटा में कई छात्रों ने आत्महत्या की है। कई लोगों ने इसके लिए छात्रों में पढ़ाई के दबाव और फेल होने के डर को जिम्मेदार ठहराया है।

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