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दिल्ली में राजस्थान कांग्रेस की बड़ी बैठक, संगठन मजबूत करने पर मंथन

दिल्ली में राजस्थान कांग्रेस की बड़ी बैठक हुई, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की अध्यक्षता में संगठन मजबूत करने, आगामी चुनावों की रणनीति, जनसंपर्क अभियानों और राजनीतिक रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई.

राजस्थान कांग्रेस को लेकर दिल्ली में एक बड़ी और अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश के राजनीतिक हालात, संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की. यह बैठक कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई.

बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, AICC महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ नेता सचिन पायलट, मध्य प्रदेश प्रभारी एवं राजस्थान के वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी और AICC मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा शामिल हुए.हालांकि निमोनिया के चलते अशोक गहलोत इस वक्त मुंबई में अपना इलाज करवा रहे हैं इसलिए वे इस बैठक में मौजूद नहीं रहे.

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सूत्रों के अनुसार, बैठक में राजस्थान में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, जिला और ब्लॉक स्तर पर सक्रियता बढ़ाने तथा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने को लेकर रणनीति पर मंथन किया गया. साथ ही आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और सरकार के खिलाफ मुद्दों को लेकर भी चर्चा हुई.

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पार्टी नेतृत्व में राजस्थान संगठन के कामकाज पर संतुष्टि भी जताई और विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए सभी कार्यकर्ताओं का भी आभार जताया और अब आने वाले दिनों में होने वाले स्थानीय निकायों और पंचायत के चुनाव की तैयारी में एकजुट होकर जुट जाने को कहा. इस संबंध में राजस्थान कांग्रेस के नेताओं से रोड मैप भी बनाने को कहा गया. साथी विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस के विधायकों द्वारा सदन के अंदर और सड़कों पर उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

विधानसभा और उसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी छोड़कर गए नेताओं की घर वापसी के प्रस्ताव पर भी प्रदेश अध्यक्ष ने बैठक में मौजूद केंद्रीय नेताओं से बातचीत की.

बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक हालात में कांग्रेस किस तरह विपक्ष की भूमिका को और प्रभावी बना सकती है. नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि संगठनात्मक एकजुटता और स्पष्ट राजनीतिक संदेश के साथ ही जनता के बीच भरोसा दोबारा कायम किया जा सकता है.

कांग्रेस नेतृत्व ने प्रदेश के नेताओं से फीडबैक लेते हुए आने वाले समय में आंदोलन, यात्राओं और जनसभाओं की रूपरेखा तय करने के संकेत दिए हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद राजस्थान कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है.

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