हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Jaipur News: परियोजनाएं पूरी करने में लापरवाही बरतने वाली फर्मों की बनेगी रेड लिस्ट, टेंडर प्रक्रिया में नहीं ले सकेंगी हिस्सा

विज्ञापन

Jaipur News: जल जीवन मिशन एवं अन्य पेयजल परियोजनाओं में लापरवाही बरतते हुए तय समयावधि में प्रोजेक्ट पूरे नहीं करने वाली कॉन्ट्रेक्टर फर्मों की रेड लिस्ट बनेगी। इस लिस्ट में शामिल फर्मों से न केवल वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्ट वापस लिए जाएंगे बल्कि उन्हें आगामी परियोजनाओं की निविदाओं से भी एक से तीन वर्ष तक के लिए डिबार किया जाएगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डॉ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न वृहद परियोजनाओं पर कार्यरत कॉन्ट्रेक्टर फर्मों के प्रतिनिधि भी वीसी के माध्यम से शामिल हुए।

और पढ़िए – Jaipur News: 23 जून से शुरु होंगे राजीव गांधी शहरी और ग्रामीण ओलंपिक, खेल राज्य मंत्री ने किया रजिस्ट्रेशन पोर्टल का शुभारंभ

विज्ञापन

लापरवाही करने वाली फर्मों को किया जाएगा बाहर

समीक्षा बैठक में एसीएस पीएचईडी ने वृहद एवं लघु पेयजल परियोजनाओं की लक्ष्य के मुकाबले प्रगति की जानकारी ली। डॉ. अग्रवाल ने सबसे कम प्रगति वाली परियोजनाओं की सूची बनाने एवं विभिन्न स्पान पूरे करने में फर्मों द्वारा लिए गए समय के बारे में भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट में उन कारणों का भी जिक्र होगा जिनकी वजह से परियोजनाओं में देरी हुई।

प्रोजेक्ट में देरी होने के ठोस एवं उचित कारण होने पर फर्मों को और मौका दिया जाएगा लेकिन जिन फर्मों ने बिना किसी ठोस कारणों के लापरवाही पूर्वक परियोजनाओं में देरी की है उन फर्मों को नई परियोजनाओं की निविदाओं से डिबार किया जाएगा। उन्होंने संबंधित जिलों के अधीक्षण अभियंताओं को ऐसी फर्मों से प्रोजेक्ट वापस लेने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के भी निर्देश दिए।

विज्ञापन

और पढ़िए – Mahangai Rahat Camp: सीएम गहलोत ने जयपुर में महंगाई राहत कैंपों का किया निरीक्षण, लाभार्थियों को सौंपे गारंटी कार्ड

फर्मों को रेड लिस्ट में डाला जाएगा

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी विभिन्न परियोजनाओं की धीमी प्रगति एवं समयावधि निकलने के कारणों की जांच करेगी। इस कमेटी की जांच के आधार पर सबसे निचले पायदान पर रही फर्मों का नाम रेड लिस्ट में डाल दिया जाएगा। ये फर्में आगे आने वाली परियोजनाओं की टेण्डर प्रक्रिया में एक से तीन साल तक के लिए भागीदारी नहीं कर पाएंगी।

विज्ञापन

और पढ़िए – प्रदेश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola