जयपुर से 15 जनवरी को भारतीय सेना की ताकत का ऐसा प्रदर्शन होने जा रहा है, जो दुश्मन की रणनीति ही नहीं, उसका मनोबल भी तोड़ देगा. 78वीं आर्मी डे परेड में देश पहली बार भारतीय सेना की नई स्पेशल स्ट्राइक फोर्स— ‘भैरव लाइट कमांडो बटालियन’ को देखेगा.
ये वो फोर्स है जो आतंकवाद, नक्सलवाद और संगठित अपराध तीनों के लिए एक साथ काल साबित होगी. देखिए हिंदुस्तान की नई युद्ध नीति और नई मारक शक्ति— भैरव बटालियन की पहली झलक.
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हाथों में अत्याधुनिक हथियार…सीने पर बुलेटप्रूफ जैकेट…चेहरे पर सटीक लक्ष्य का फोकस और कदमों में अटूट आत्मविश्वास. ये हैं भारतीय सेना की स्पेशल लाइट कमांडो यूनिट्स. आकार में छोटी, लेकिन मारक क्षमता में कई गुना घातक. तेज मूवमेंट, अचानक हमला और दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं देने वाले कमांडो. पराक्रम में प्रचंड और आक्रमण में भैरव जैसी शक्ति के कारण इनका नाम पड़ा—भैरव कमांडो बटालियन.
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भैरव बटालियन 'स्मॉल टीम बिग स्ट्राइक’ कॉन्सेप्ट पर काम करती है. जहां छोटी टुकड़ी बड़े से बड़े दुश्मन पर
भारी पड़ती है. सीमापार त्वरित कार्रवाई… आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला और मिनटों में मिशन पूरा. यही है भारतीय सेना की नई युद्ध सोच- तेज, सटीक और निर्णायक.
भारतीय सेना भैरव लाइट कमांडो बटालियनों को अत्याधुनिक हथियारों, हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम और स्पेशल वॉरफेयर ट्रेनिंग से लैस कर रही है. जहां एक सामान्य इन्फैंट्री बटालियन में करीब 800 सैनिक होते हैं. वहीं, भैरव बटालियन में करीब 250 बेहद प्रशिक्षित कमांडो तैनात रहेंगे. इन सैनिकों का चयन उन्हीं इलाकों से किया गया है, जहां उनकी तैनाती होनी है ताकि भूगोल, भाषा और मौसम उनकी ताकत बन जाए.
भैरव बटालियन में सिर्फ पैदल सैनिक ही नहीं बल्कि आर्टिलरी, सिग्नल्स और एयर डिफेंस के एक्सपर्ट भी शामिल हैं. यानी जमीन, हवा और सूचना-तीनों मोर्चों पर एक साथ हमला.
ये फोर्स दुश्मन की रणनीति को शुरुआत में ही ध्वस्त करने की ताकत रखती है. 15 जनवरी जयपुर की धरती पर जब 78वीं आर्मी डे परेड होगी तब भैरव लाइट कमांडो बटालियन पहली बार परेड में अपना दमखम दिखाएंगे तो दुनिया देखेगी भारत की बदलती सैन्य सोच और बढ़ती मारक क्षमता. क्योंकि ये सिर्फ एक नई बटालियन नहीं ये भारत का साफ संदेश है कि अब वार तेज होगा…और जवाब निर्णायक.