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जालोर में परिवार का समाज बहिष्कार और 31 लाख का जुर्माना: लिव-इन रिलेशनशिप से शुरू हुआ विवाद

जालोर जिले के भीनमाल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर हुए विवाद के बाद एक परिवार पर समाज से बहिष्कृत करने और 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का गंभीर आरोप लगा है. पीड़ित परिवार और उनकी मदद करने वालों को लगातार धमकियां मिल रही हैं. परेशान होकर पीड़ितों ने एसपी से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पढ़िए राजस्थान से ललित पथमेड़ा की रिपोर्ट.

जालोर में माली समाज के कथित 7 पंचों पर एक परिवार को समाज से बहिष्कृत करने और 31 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का आरोप लगा है. लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर हुए इस विवाद में पीड़ित परिवार और उनकी मदद करने वालों को धमकियां दी गईं. पीड़ितों ने 9 जनवरी को भीनमाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन इसके बाद 20 जनवरी को कथित पंचों ने थाने में बयान देने वालों पर दबाव बनाया और सामाजिक बहिष्कार व आर्थिक दंड की धमकी दी. लगातार प्रताड़ना और डर के माहौल के चलते बुधवार को पीड़ित परिवार और उनके रिश्तेदार जालोर पहुंचकर एसपी शैलेन्द्र सिंह के समक्ष पेश हुए और कथित पंचों के खिलाफ कार्रवाई, निष्पक्ष जांच तथा जान-माल की सुरक्षा की मांग की. यह मामला जालोर जिले के भीनमाल का है.

लिव-इन रिलेशनशिप से शुरू हुआ विवाद

बाबुलाल ने एसपी को रिपोर्ट देकर बताया कि बताया कि उसका साला एक लड़की के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था. दोनों ने 26 अगस्त 2025 को आपसी सहमति से इकरारनामा भी कराया था. इसके बाद समाज के कुछ लोगों और लड़की के परिजनों ने दोनों को जान से मारने की धमकियां दीं.

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हाईकोर्ट से मिला संरक्षण

धमकियों के चलते दोनों ने जोधपुर हाईकोर्ट की शरण ली. हाईकोर्ट ने सुरक्षा और संरक्षण के निर्देश संबंधित पुलिस अधिकारियों को दिए. इसके बावजूद भीनमाल में समाज के कुछ लोगों ने पंचायत बुलाकर फैसले लिए.

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हाईकोर्ट से मिले सुरक्षा के निर्देश

लगातार मिल रही धमकियों के चलते दोनों ने जोधपुर हाईकोर्ट की शरण ली. हाईकोर्ट से उन्हें सुरक्षा और संरक्षण के निर्देश संबंधित पुलिस अधिकारियों को दिए गए.

पंचायत का फैसला, 31 लाख जुर्माना और हुक्का-पानी बंद

आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भीनमाल में समाज के कुछ लोगों ने पंचायत कर बाबुलाल के साले पर 31 लाख रुपए का जुर्माना लगाया. साथ ही उसकी मदद करने वाले साडू पांचाराम माली का भी हुक्का-पानी बंद कर समाज से बहिष्कृत कर दिया गया.

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विरोध पर पूरे परिवार का समाज बहिष्कार

पांचाराम माली ने बताया कि पंचायत के फैसले का विरोध करने पर उसके और उसके साले के परिवार को समाज से बाहर कर दिया गया. इससे परिवार को सामाजिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी. आरोप है कि कहा गया, अगर वापस समाज में शामिल होना है तो 11 लाख रुपए समाज के पंचों को देने होंगे.

9 जनवरी को भीनमाल थाने में मामला दर्ज

पंचायत के फैसले के बाद पांचाराम माली और उसके साले ने 9 जनवरी को भीनमाल थाने में लिखित रिपोर्ट देकर 7 पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.

बयान देने पर नई धमकियों का आरोप

मामले में बयान के लिए पांचाराम के साडू बाबुलाल पुत्र जोईताराम माली को थाने बुलाया गया. आरोप है कि 20 जनवरी को कथित पंचसमरथाराम पुत्र भीमाराम, दीपाराम पुत्र हरकाराम, बाबुलाल पुत्र चेलाराम, जगदीश पुत्र फुलाराम, मांगीलाल पुत्र चेलाजी, सोमताराम पुत्र छोगाराम और सरदाराराम पुत्र समरथारामने दीपाराम पुत्र हरकाराम के घर बुलाकर ओलमा दिया और कहा कि पंचों के मना करने के बावजूद थाने में बयान दिए हैं, इसलिए अब बड़ा जुर्माना लगाया जाएगा और माली समाज की पांच पट्टियों से बाहर कर हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा.

एसपी के समक्ष न्याय की गुहार

लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना के बाद बुधवार को बाबुलाल माली और उनके साडू पांचाराम माली ने जालोर एसपी शैलेन्द्र सिंह के समक्ष उपस्थित होकर कथित पंचों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा.

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पुलिस जांच शुरू

पुलिस के अनुसार, भीनमाल थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पीड़ित परिवार ने पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.


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