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Rajasthan Weather Update: प्रदेश में बढ़ने लगा सर्दी का असर, रात में नमी बढ़ने से किसानों को होगा फायदा

Rajasthan Weather Update: राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी है। जहां दिन के समय लोगों को धूप का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रात में पारा नीचे की और जाता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सुबह-शाम सर्दी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। दिवाली बाद मौसम में […]

Rajasthan Weather Update: राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी है। जहां दिन के समय लोगों को धूप का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रात में पारा नीचे की और जाता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सुबह-शाम सर्दी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। दिवाली बाद मौसम में कई तरह के बदलाव होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। बता दें जयपुर समेत प्रदेश भर में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी हवाओं के असर के साथ ही वायुमंडल में नमी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह शाम गुलाबी सर्दी का एहसास हो रहा है।

पूर्वी राजस्थान में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे

मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में सर्दी का असर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक जोर पकड़ने लगेगा। आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी राजस्थान के हिस्सों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच रहा है तो वहीं अब पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में भी रातें ठंडी होने लगी है। इस सीजन में पहली बार जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर में रात का पारा 20 डिग्री से नीचे आ गया है। सबसे कम पारा चूरू का 14.9, अलवर का 15.1, सीकर का 15.5, नागौर का 16.4 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया।

शेखावाटी अंचल में इस बार भी सर्दी ज्यादा पड़ने की संभावना

वहीं मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के शेखावाटी अंचल में इस बार भी सर्दी ज्यादा पड़ने की संभावना है। कुछ जगहों पर हल्की ओस की बूंदें भी दिखाई देने लगी हैं। पश्चिमी हवाओं का असर प्रदेश में बढ़ रहा है। दोपहर में धूप निकल रही है और रात के समय ठंडक महसूस हो रही है। मानसून के बाद पोस्ट बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसलें पक चुकी हैं और कटाई का दौर चल रहा है।

रात में नमी बढ़ने से किसानों को होगा फायदा

बता दें कि रात में नमी बढऩे के कारण बारानी क्षेत्र में भी तारामीरा जैसी रबी की फसलों की अच्छी बढ़वार भी होगी। वहीं सिंचित क्षेत्र में सरसों, चना, मैथी सहित अन्य फसलोंं को भी फायदा होगा। रबी फसलों की बुवाई के लिए होने वाले पळाव के लिए अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता भी नहीं होगी। इस कारण किसानों के खेतों पर बिजली की खपत भी कम हो जाएगी। सर्दी बढऩे से भूमि में नमी भी ज्यादा होगी। अभी पढ़ें - प्रदेश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें


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