चीफ सेक्रेटरी ने लेटर में क्या लिखा?
बता दें कि मुख्य सचिव सिन्हा ने लेटर में लिखा है कि जनता सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन करती है, लेकिन उनके निपटान में देरी करना सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार है। पत्र लिखकर सेवाओं से संबंधित लंबित आवेदनों का विवरण मांगा गया था, लेकिन उपलब्ध नहीं कराया गया। कई बार याद भी कराया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए अब अगर 26 मार्च की सुबह 11 बजे तक मांगी गई जानकारी नहीं मिली तो इसे भ्रष्टाचार फैलाने का प्रयास माना जाएगा। फिर संंबंधित विभाग और संबंधि अधिकारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।फीडबैक के बाद लिया गया फैसला
चीफ सेक्रेटरी ने लेटर लिखने का फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान के विभिन्न विभागों के दौरे के चलते लिया गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री को लोगों से फीडबैक मिला है, जो नेगेटिव है। विधायकों ने भी उन्हें बताया कि दफ्तरों में फाइलें जानबझकर लंबित रखी जा रही हैं। विधानसभा सेशन में भी विधायकों ने सवाल उठाए थे। पेंडिंग ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का मुद्दा सबसे पहले उठाया गया था। बताया गया कि अक्टूबर 2024 से लोगों को लाइसेंस और आरसी वाले आवेदन लंबित पड़े हैं। यह सवाल विधानसभा में प्रताप सिंह बाजवा ने पूछा था।