Aam Aadmi Party: मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक संगठन के रूप में आम आदमी पार्टी की स्थिति समीक्षा के अधीन है। बता दें कि गुजरात चुनाव में लगभग 13 प्रतिशत वोट हासिल करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की AAP पिछले साल 'राष्ट्रीय पार्टी' के दर्जे की पात्र बन गई।
पिछला साल गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण था। पंजाब में जीत के बाद आम आदमी पार्टी दिल्ली के बाद दूसरे राज्य में शासन कर रही थी। बता दें कि पिछले दिनों पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वकील हेमंत कुमार ने निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त समेत अन्य आयुक्तों को चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में वकील ने कहा था कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली और पंजाब राज्य में सरकार में है, ऐसे में वह राष्ट्रीय दल होने की अहर्ता पूरी करती है।
आम आदमी पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थी। नतीजों के बाद अरविंद केजरीवाल ने 8 दिसंबर को ट्वीट कर कहा था कि AAP के राष्ट्रीय पार्टी बनने पर सभी कार्यकर्ताओं और देशभर के समर्थकों को बधाई। उन्होंने कहा कि आप एक राष्ट्रीय पार्टी बन गई है। 10 साल पहले आप एक छोटी पार्टी थी, अब इसकी दो राज्यों में सरकार है और यह एक राष्ट्रीय पार्टी बन गई है।
राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए राजनीतिक दल के लिए क्या जरूरी?
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, कोई राजनीतिक दल एक राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकता है, अगर- यह कम से कम चार राज्यों में 'मान्यता प्राप्त' है। इसके अलावा पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में किन्हीं चार या अधिक राज्यों में कुल मतों का कम से कम छह प्रतिशत वोट प्राप्त किया हो और पिछले लोकसभा चुनाव में कम से कम चार सांसदों को लोकसभा भेजा हो।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी पहले से ही दिल्ली और पंजाब में एक मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय पार्टी है। AAP पार्टी को पिछले साल गोवा विधानसभा चुनाव में 6.8 प्रतिशत, गुजरात में 12.92 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन मिला था। दिल्ली में आप का जनाधार सबसे ज्यादा मजबूत है। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी साल 2012 में अस्तित्व में आई थी। पिछले आठ सालों में आम आमदी पार्टी को चार राज्यों में आपने जनाधार को बढ़ाने में सफलता मिली है। दिल्ली और पंजाब में केजरीवाल की पार्टी की अकेले दम पर सरकार है।