महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार बुधवार की सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे. उन्हें वहां जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक जनसभा को संबोधित करना था. सुबह करीब 8:45 से 9:15 बजे के बीच जब विमान बारामती हवाई अड्डे के पास पहुंचा, तो भारी कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम थी. लैंडिंग के वक्त पायलट ने नियंत्रण खो दिया और वीएसआर वेंचर्स का यह लेयरजेट 45 विमान रनवे के बजाय पास के एक खेत में जा गिरा. टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए और उसमें भीषण आग लग गई. डीजीसीए ने इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है.
फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक
इस विमान को अनुभवी कैप्टन सुमित और फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक उड़ा रहे थे. शांभवी एक बेहद प्रतिभाशाली और मेहनती पायलट थीं, जिनकी शुरुआती पढ़ाई मुंबई में हुई थी. उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन साइंस में बीएससी की डिग्री ली थी. पायलट बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए वह न्यूजीलैंड गईं, जहां उन्होंने इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से प्रोफेशनल फ्लाइंग सीखी. साल 2018-19 के दौरान ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी से कमर्शियल पायलट का लाइसेंस मिला था. साल 2022 से वह वीएसआर वेंचर्स कंपनी के साथ बतौर पायलट काम कर रही थीं.
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हादसे का शिकार हुआ वीएसआर वेंचर्स का विमान और क्रू मेंबर्स
लगभग 9,752 किलोग्राम वजनी इस विमान (रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK) के क्रू में कैप्टन सुमित और शांभवी के साथ फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी शामिल थीं. हादसे में इन तीनों के साथ अजित पवार और विदीप जाधव की भी मौके पर ही मौत हो गई. विमान की मालिक कंपनी वीएसआर वेंचर्स दिल्ली की एक प्राइवेट फर्म है, जिसकी शुरुआत 2011 में कैप्टन विजय सिंह और कैप्टन रोहित सिंह ने की थी. चौंकाने वाली बात यह है कि सितंबर 2023 में भी इसी कंपनी का एक विमान मुंबई एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. अब एक बार फिर कंपनी का विमान बड़े हादसे का शिकार हुआ है, जिससे इसकी सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं.
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डीजीसीए ने शुरू की उच्च स्तरीय जांच
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे की मुख्य वजह घना कोहरा और खराब मौसम बताया जा रहा है, जिसकी वजह से पायलट को रनवे का सही अंदाजा नहीं मिल पाया. लैंडिंग के आखिरी पलों में विमान में कुछ तकनीकी खराबी आने की बात भी सामने आई है, जिसके कारण वह सीधे खेत में जा गिरा. हादसे के बाद चारों तरफ अफरातफरी मच गई और विमान का मलबा जलकर राख हो गया. डीजीसीए ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एक हाई लेवल जांच कमेटी का गठन कर दिया है. यह कमेटी पता लगाएगी कि क्या यह महज एक हादसा था या इसके पीछे विमान के रखरखाव में कोई बड़ी लापरवाही रही है.