महाराष्ट्र में वक्फ संशोधन एक्ट पर महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दलों की राह अलग-अलग नजर आ रही है। शिवसेना (UBT) ने संसद में इंडिया गठबंधन का समर्थन करते हुए वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया था। अब यह बिल कानून बन गया है। इसे लेकर महागठबंधन के घटक दलों ने वक्फ संशोधन एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया, लेकिन उद्धव ठाकरे ने अपनी सहयोगी पार्टियों के इस फैसले का समर्थन नहीं दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एमवीए में दरार आ गई है?
पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वक्फ संशोधन एक्ट को लेकर कहा कि इस कानून पर पार्टी को जो स्टैंड लेना था, वो ले चुकी है। इस मामले में शिवसेना (UBT) कोर्ट का रुख नहीं करेगी। कांग्रेस या किसी अन्य पार्टियों को सुप्रीम कोर्ट जाना है तो जरूर जाए। उन्हें जो कहना था, वो कर दिया है।
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उद्धव ठाकरे के बयान से क्या मिल रहे संकेत?
उद्धव ठाकरे के इस बयान से संकेत मिल रहे हैं कि कहीं न कहीं महाविकास अघाड़ी में दरार आ सकती है। एक तरफ कांग्रेस वक्फ संशोधन एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है तो दूसरी तरफ शिवसेना (UBT) इस मामले में महायुति का साथ नहीं देगी। उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट कर दिया कि जिसे कोर्ट जाना है जाए, लेकिन वे अदालत नहीं जाएंगे।