महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद को लेकर शुरू विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर अब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने पलटवार किया है। दरअसल, झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के विवादित बयान ‘मारो लेकिन वीडियो मत बनाओ’ पर तीखा हमला बोला था।
दुबे ने कहा था कि राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) बीएमसी चुनाव के चलते सस्ती राजनीति कर रहे हैं। बीजेपी सांसद ने भी विवादित बयान देते हुए यह भी कहा था कि अगर हिम्मत है बिहार, उत्तर प्रदेश या तमिलनाडु जाएं, जहां ‘उन्हें पटक-पटक कर मारेंगे’। अब करीब 10 दिन बाद राज ठाकरे ने पलटवार करते हुए मुंबई के मीरा रोड में एक जनसभा में कहा कि ‘मैं दुबे को बोलता हूं। दुबे तुम मुंबई में आ जाओ, मुंबई के समंदर में डुबा-डुबा कर मारेंगे।’ राज ठाकरे ने कहा कि अगर किसी ने मराठी भाषा की इज्जत नहीं की तो हम उसके गाल और हाथ दोनों लाल कर देंगे।
राज ठाकरे ने निशिकांत दुबे पर किया पलटवार
राज ठाकरे ने निशिकांत दुबे पर हमला करते हुए कहा कि ‘एक सांसद है वो कहता है कि वो हमें पटक-पटक कर मारेगा, तू हमको मारेगा दुबे, तू मुंबई आ जा, मुंबई के समंदर में डुबा-डुबा कर मारेंगे।’ उन्होंने कहा कि 56 इंच की छाती लेकर तुम भी घूमो, तुम महाराष्ट्र के मालिक हो, लेकिन किसी ने यहां मराठी का अपमान किया तो उनके गाल और हमारे हाथ का मिलन जरूर होकर रहेगा।
ठाकरे ने कहा कि ‘दुबे ने क्या बोला था? मराठी लोगों को पटक-पटक के मारेंगे। हिंदी चैनल्स ने नहीं चलाया! सरकार इन्हें बचा रही है। तुम्हारी सरकार लोकसभा और विधानसभा में रहेगी, हमारी सरकार रस्ते पर रहेगी। अगर किसी ने मराठी भाषा की इज्जत नहीं की तो उसके हम गाल और हाथ दोनों लाल करेंगे। मराठी भाषा का कहर लोगों में दिख रहा है।’
ठाकरे ने कहा कि ‘किसी से मेरी दोस्ती हो या दुश्मनी हो, मराठी और महाराष्ट्र के लोगों के लिए मैं किसी प्रकार का समझौता नहीं करूंगा। जो कोई यहां बिना मराठी के रहता हो, उनको यहीं बोलूंगा कि जल्द से जल्द मराठी बोलना सीख लो। आप कहीं भी जाएं चाहे रिक्शा, ऑफिस, दुकान हमेशा मराठी में ही बात कीजिए। कर्नाटक में लोग अपनी भाषा के लिए झगड़ते हैं। वैसे ही आप भी खंभे की तरह खड़े रहिए और मराठी में ही बात करिए। यही विनती करने के लिए मैं यहां पर आया हूं।’ ये बातें राज ठाकरे ने शुक्रवार को मुंबई के मीरा रोड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं।
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‘मीरा रोड में जो कुछ हुआ, वो सही हुआ’
राज ठाकरे ने जनसभा को संबोधित करते हुए आगे कहा कि ‘मीरा रोड में जो कुछ हुआ, जिसे पीटा गया, वो सही हुआ। वह शख्स पानी खरीदने के बाद भी हिंदी में बात कर रहा था, लेकिन उसकी मस्ती के चलते, उसे महाराष्ट्र की स्टाइल में जवाब दिया गया।’ उन्होंने कहा कि ‘महाराष्ट्र में रह रहे हो तो शांति से रहो और मराठी सीखो। हमारा तुमसे कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन मस्ती करोगे तो महाराष्ट्र के स्टाइल में समझा देंगे।’
बता दें कि मीरा रोड हिंदी मराठी विवाद के बाद सुर्खियों में आया था। राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं ने मीरा रोड में एक दुकानदार की पिटाई की थी। इसके बाद मीरा रोड में माहौल गरमा गया था। पहली बार एमएनएस के खिलाफ बड़ा मोर्चा निकाला गया था, इसके बाद एमएनएस ने जवाब में बड़ा मोर्चा निकाला था। हालांकि, इस मोर्चे के दौरान विवाद खड़ा हो गया था।
सीएम फडणवीस पर भी साधा निशाना
राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘क्या नाम है उनका… महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उन्होंने कहा था कि हिंदी भाषा कंपलसरी करेंगे मतलब करेंगे। अब जाकर सरकार को समझ आया है। पहले से पांचवी तक हिंदी को कंपलसरी करने की कोशिश करके तो दिखाओ। दुकान में चाय बंद कर देंगे।’
उन्होंने कहा कि ‘महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री हिंदी के लिए झगड़ रहा है। सारे स्कूलों में मराठी को कंपलसरी करना चाहिए, लेकिन ये सब छोड़कर तुम हिंदी को कंपलसरी कर रहे हो। कुछ गुजराती व्यापारी और गुजराती नेताओं का प्लान था कि मुंबई और महाराष्ट्र में भेदभाव लाया जाए। वल्लभभाई पटेल ने कहा था कि मुंबई और महाराष्ट्र को अलग मत करना। मोरारजी देसाई और इन लोगों ने गोली चलाकर महाराष्ट्र के लोगों को मारा था। कई सालों से इनकी नजर मुंबई पर है। हमारी परीक्षा ले रहे हैं। देख रहे हैं कि अगर हिंदी भाषा लाई जाती है तो क्या महाराष्ट्र विरोध करता है?’
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‘मराठी भाषा का इतिहास ढाई से तीन हजार साल पुराना’
राज ठाकरे ने कहा कि ‘मराठी भाषा का इतिहास ढाई से तीन हजार साल पुराना है। हमने मोदीजी से कहा था कि जब वो प्रधानमंत्री बन ही गए हैं तो मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा दें। अभिजात भाषा बनाने के लिए कम से कम 1500 साल का इतिहास चाहिए तो मतलब हिंदी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने में अभी भी 1200 साल लगेंगे।’ उन्होंने लोगों से सवाल पूछते हुए कहा कि ‘अगर तुम्हें खुशी है कि दूसरे राज्य में हिंदी बोली जाती है तो फिर कमाने-खाने के लिए महाराष्ट्र में क्यों आते हो? अपने राज्य में हिंदी बोलकर तुम्हारी भलाई हो रही है तो फिर महाराष्ट्र क्यों आते हो?’ उन्होंने कहा कि हिंदी पूरे देश में किसी की मातृभाषा नहीं है। हिंदी मिलाकर बनाई गई एक 200 साल पुरानी भाषा है। हिंदी ने अब तक 250 से ज्यादा भाषाओं को खा गया है।
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