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महायुति में अब 2 पदों के लिए खींचतान! शिवसेना शिंदे के 2 नेताओं ने ठोकी दावेदारी, जानें कौन हैं रेस में?

Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार के बाद अब गार्जियन मिनिस्टर के पदों को लेकर महायुति में खींचतान चल रही है। राकांपा भी पदों पर दावेदारी ठोक रही है। आइए जानते हैं कि अब क्या मामला है और विवाद क्यों छिड़ा है? रेस में कौन-कौन से दावेदार हैं?

Mahayuti BJP Shiv Sena NCP
Mahayuti Struggle for Guardian Ministers Post: महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार का गठन हो गया है। 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण के बाद 15 दिसंबर को कैबिनेट का विस्तार हुआ। फिर विभागों का बंटवारा भी हो गया, लेकिन अब महायुति में गार्जियन मिनिस्टर के पदों को लेकर खींचतान चल रही है। शिवसेना शिंदे के मंत्री भरत गोगावले और संजय शिरसाट पहले ही रायगढ़ और छत्रपति संभाजीनगर पर दावा कर चुके हैं, लेकिन राकांपा और भाजपा के कुछ लोग भी दोनों जिलों पर नजर गड़ाए हुए हैं। 42 मंत्री हैं, लेकिन 12 जिलों का सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं है। गार्जियन मिनिस्टर जिला योजना और विकास परिषद के फंड को नियंत्रित करते हैं, जिसका उपयोग जिलों में विकास और सौंदर्यीकरण की परियोजनाओं के लिए किया जाता है। वे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों की अध्यक्षता भी करते हैं। यह भी पढ़ें:5 बिल पेश, 4 हुए पास, 39 बैठकें, संविधान पर चर्चा…किरेज रिजिजू ने जताई शीतलकालीन सत्र की वर्किंग से अंसतुष्टि

भाजपा प्रदेश प्रमुख का भी बयान आया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना शिंदे के मंत्री शंभुजराज देसाई ने दावा किया कि मंत्री पद, पोर्टफोलियो डिस्ट्रिब्यूशन या गार्जियन मिनिस्टर पदों को लेकर कोई झगड़ा नहीं है। भाजपा के प्रदेश प्रमुख चन्द्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार गार्जियन मिनिस्टर पदों के लिए छिड़े किसी भी विवाद को रोकने में सक्षम है। उम्मीद है कि भाजपा के आशीष शेलार मुंबई उपनगरीय और मंगल प्रभात लोढ़ा मुंबई शहर के गार्जियन मिनिस्टर होंगे। शिवसेना शिंदे मुंबई में कम से कम एक गार्जियन मिनिस्टर रखने की इच्छुक है और यह पद किसी 'बाहरी' व्यक्ति को देने पर जोर दे सकती है, जैसा कि पिछली सरकार में किया गया था, जब सावंतवाड़ी से विधायक दीपक केसरकर को मुंबई शहर के लिए चुना गया था। संजय शिरसाट के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कि उनकी नियुक्ति की केवल औपचारिक घोषणा लंबित थी, छत्रपति संभाजीनगर के भाजपा मंत्री अतुल सावे का बयान आया है। यह भी पढ़ें:Chhagan Bhujbal को मंत्री क्यों नहीं बनाया गया? महाराष्ट्र की सियासत में 4 वजहों की चर्चा

राकांपा ने रायगढ़ में पद की इच्छा जताई

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अतुल सावे ने कहा कि हम महायुति में वरिष्ठ नेताओं के किसी भी फैसले को स्वीकार करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बहुत विश्वास दिखाया है। 3 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है। रायगढ़ में, NCP अजीत पवार की अदिति तटकरे गोगावले से भिड़ने के लिए तैयार दिख रही हैं। राकांपा मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि पार्टी का इस पद पर अधिकार है, क्योंकि उसके पास जिले से 7 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 5 और शिवसेना शिंदे के पास 2 विधायक हैं। NCP नासिक पर अपना दावा जारी रखेगी। सतारा को लेकर भी खींचतान चल रही है। इसके 8 विधायकों में से 4 अब मंत्री हैं। यह भी पढ़ें:Chhagan Bhujbal जॉइन करेंगे भाजपा! दोनों को एक दूजे से क्या होंगे फायदे?


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