हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Tiger ShroffCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

Maharashtra: '2 से 3 किलोमीटर चलना, फिसलने का डर...' पानी के लिए 'तरसती' महिलाओं की आपबीती

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले की अरनी तहसील के कई गांवों में जल संकट बना हुआ है। यहां पर महिलाएं पानी लाने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करती हैं, उसके बाद उनको पानी मिलता है। गांव के लोग एक ही बावड़ी पर निर्भर करते हैं।

विज्ञापन

पिछले दिनों राजस्थान के एक गांव की काफी चर्चा हुई, जहां पर कोई परिवार अपनी बेटी की शादी इस गांव में नहीं करना चाहता है। ऐसा करने के पीछे वजह थी, पानी की किल्लत। यहां की महिलाएं कई किलोमीटर तक पैदल चलकर पानी लाती हैं। ऐसे ही कई गांव महाराष्ट्र में भी हैं, जहां पर महिलाओं को पानी लेने के लिए करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है। इन महिलाओं को इस दौरान पानी लेकर चलने में बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर महिलाओं ने ANI से बात की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके सामने कौन सी दिक्कतें आती हैं।

खत्म नहीं हो रहा जल संकट

यवतमाल जिले की अरनी तहसील के गांवों में जल संकट बना हुआ है। यहां पर रहने वाली महिलाओं पर पानी लाने की जिम्मेदारी है। इन महिलाओं को रोज की जरूरत का पानी लाने के लिए 2 से 3 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। पहाड़ियों पर पानी से भरे मटके लेकर चलने में उनको काफी परेशानी होती है। न्यूज एजेंसी ने जब इन ग्रामीण महिलाओं से बात की, तो उनमें से एक ग्रामीण महिला पूजा का कहना है कि ‘हमें पानी लाने के लिए 2-3 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। इस दौरान अगर पानी थोड़ा भी गिर जाता है, तो उनको फिसलने का डर बना रहता है।

ये भी पढ़ें: ‘तुम्हारी जान ले लेंगे…’, NCP नेता जीशान सिद्दीकी को धमकी, पिछले साल पिता पर हुआ था हमला

परिवार के साथ जानवरों की भी जिम्मेदारी

महिलाओं का कहना है कि पानी लाने में इतनी दिक्कत होती है, लेकिन हमें परिवार के अलावा, पालतू जानवरों को भी पानी पिलाना होता है। इतनी गर्मी में बावड़ी पर जाकर पानी भरते हैं। इस बावड़ी पर पूरे गांव के लोग जाते हैं, जहां पर अंदर उतरकर पानी निकाला जाता है। कई बार फिसलने का खतरा भी रहता है। उन्होंने बताया कि हमारे एरिया में एक ही बावड़ी है, जिससे पानी भरा जाता है। महिला पूजा बावड़ी के मालिक की तारीफ करते हुए कहती हैं कि उनका शुक्र है कि वो हमें पानी लेने देते हैं। महिलाओं का कहना है कि भले ही हमें पानी मिल जाता है, लेकिन हम साल के 12 महीने ऐसे ही अपनी जरूरत को पूरा करते हैं, जिससे हमे बहुत परेशानी होती है।

ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र में 10 घंटे बाद भी बुझ न पाई गोदाम की आग, फायर विभाग के छूटे पसीने

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें