महाराष्ट्र विधानसभा में दिशा सालियान मामले को लेकर सत्ता पक्ष ने 21 मार्च को आदित्य और उद्धव ठाकरे को घेरा था। उस समय शिवसेना (शिंदे गुट) के बुलढाना सीट से विधायक संजय गायकवाड़ ने आदित्य ठाकरे का बचाव करते हुए कहा था कि सीआईडी रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि इसमें कोई पॉलिटिकल एंगल नहीं है। पुलिस को इस मामले में रेप और मर्डर के कोई सॉलिड प्रूफ नहीं मिले हैं। मैं सभी राजनीतिक पार्टियों से कहूंगा कि इस मामले में राजनीति न की जाए।
यह भी पढ़ें:पंजाब में मुफ्त मिलती रहेगी 300 यूनिट बिजली, 7713 करोड़ का बजट प्रस्तावित; चीमा ने किए ये ऐलान
शिंदे गुट के विधायक के आदित्य के बचाव में आने के बाद खुद उद्धव ठाकरे ने उनका धन्यवाद किया था। अब 5 दिन के बाद आदित्य का बचाव करने वाले विधायक संजय गायकवाड़ पलट गए हैं। उन्होंने विधानसभा में दिशा सालियान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संतोष देशमुख हत्याकांड में मंत्री धनंजय मुंडे को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना पड़ा था। अब आदित्य पर आरोप लगा है तो वो नैतिकता दिखाते हुए विधायक पद से इस्तीफा दें। इस बयान के बाद सदन में हंगामा खड़ा हुआ और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इस वजह से बदले सुर
सूत्र बताते हैं कि आदित्य का बचाव करने पर संजय गायकवाड़ को पार्टी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। इसके बाद ही गायकवाड़ के सुर बदले और उन्होंने आदित्य के इस्तीफे की मांग की है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री शंभूराजे देसाई ने कहा कि यदि अदालत इस मामले की जांच के लिए निर्देश देती है तो वे कदम उठाएंगे। कानून के मुताबिक सरकार कोई भी कदम उठाएगी, बशर्ते अदालत से निर्देश प्राप्त हों।
4 लोगों पर दर्ज हुई FIR
बता दें कि दिशा सालियान सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थी। 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके की 14वीं मंजिल से गिरकर उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना था। वहीं, उसके पिता सतीश सालियान ने आरोप लगाया कि दिशा की गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी, लेकिन मामले को दबा दिया गया। दिशा के पिता ने शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, डीनो मोरिया और सूरज पंचोली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
यह भी पढ़ें:पंजाब बजट: 65 लाख परिवारों को 10 लाख तक कैशलेस इलाज, हर जिले में शुरू होगी ये खास योजना