बीएमसी चुनाव में मराठी भाषा को लेकर जमकर राजनीति देखने को मिल रही है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने मराठी मुद्दे पर विपक्ष, खासकर ठाकरे भाइयों पर तीखा हमला बोला है. चव्हाण ने कहा कि मराठी भाषा को लेकर विपक्ष की भूमिका पूरी तरह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा की जड़ों में मराठी है, जबकि विपक्ष केवल मराठी भाषा के नाम पर राजनीति कर रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लिए ‘मराठी’ शब्द, मराठी व्याकरण के बहुवचन की तरह है. मराठी भाषा को लेकर हमारा दृष्टिकोण “हम हमारे सब” जैसी सामूहिक और व्यापक सोच का प्रतीक है, जिसमें मराठी भाषा, मराठी संस्कृति और मराठी अस्मिता सभी शामिल हैं. चव्हाण ने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि हमारा मराठी दृष्टिकोण सकारात्मकता फैलाने वाला है, जिसके जरिए मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार की अपेक्षा की जाती है.
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राजनीति के लिए मराठी भाषा का इस्तेमाल
चव्हाण ने विपक्ष पर कड़े शब्दों में निशाना साधते हुए कहा कि मराठी भाषा का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह कोई विष-अमृत का खेल नहीं है. मराठी को लेकर विपक्ष की भूमिका नकारात्मकता से भरी हुई है और ज्ञानेश्वर माउली के “विश्वात्मके देवे” जैसे वैश्विक सिद्धांत से उनकी कोई प्रतिबद्धता नजर नहीं आती. भाजपा और मराठी माणूस ये दो अलग-अलग बातें नहीं हैं. वास्तव में, मराठी लोगों द्वारा स्थापित मातृ संस्था की विचारधारा ही भाजपा की विचारधारा है. उन्होंने कहा कि संविधान के शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, स्वातंत्र्यवीर सावरकर और बालासाहेब ठाकरे- ये तीनों मराठी भाषी महान व्यक्तित्व हैं, जिनके विचारों से प्रेरित होकर भाजपा वर्षों से देश और समाज के निर्माण का कार्य करती आ रही है.
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मराठी भाषा की उन्नति के लिए भाजपा प्रतिबद्ध
चव्हाण ने कहा कि केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में रहने वाले मराठी भाषियों की उन्नति के लिए भाजपा पूरी तरह प्रतिबद्ध है. राज्य की प्रगति हो, नागरिकों का जीवन अधिक सुगम बने और एक देशभक्त व संस्कारित पीढ़ी तैयार हो, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा ने मराठी भाषा को अभिजात दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. साथ ही, आज दुनिया भर में मनाई जाने वाली गुड़ी पड़वा शोभायात्रा की शुरुआत भी सबसे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं की संकल्पना से हुई थी.