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पहला बच्चा खोया, अब गूंजी 3 किलकारियां; उज्जैन की महिला ने एक साथ 3 बच्चे जन्मे, बताया क्या कठिनाइयां आईं‌?

Ujjain Woman Gave Birth to Three Childrens: नवरात्रि के दिनों में एक महिला ने 3 बच्चों को एक साथ जन्म दिया। इनमें 2 कन्याएं और एक लड़का है। बच्चों के जन्म से परिवार में जहां खुशियों का माहौल है, वहीं डिलीवरी कराने वाली डॉक्टर ने इसे करियर का पहला अनोखा केस बताया।

Edited By : Khushbu Goyal | Updated: Apr 14, 2024 13:17
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डॉक्टरों ने तीनों बच्चों और उनकी मां को स्वस्थ बताया है।

Ujjain Woman Gave Birth to Three Childrens: एक महिला ने अपने पहले बच्चे को खो दिया था, उस दर्द से उभरी नहीं थी कि वह फिर से गर्भवती हो गई। अब उसने एक साथ 3 बच्चों को जन्म दिया है। नवरात्रि के दिनों में मां की कृपा से 3 किलकारियां उसके घर में गूंजी तो जश्न का माहौल बना गया। 2 कन्याओं के साथ भोलेनाथ का आगमन हुआ है।

जी हां, मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा ग्राम अजीमाबाद पारदी मे रहने वाली महिला ने 3 बच्चों को जन्म दिया है। एक साथ 3 बच्चों की डिलीवरी होते ही डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी जहां हैरत मे पड़ गए, वहीं बच्चों के माता-पिता और परिजनों की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार वाले मिठाई बांट रहे हैं।

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एक बच्चा खोने के दर्द के बीच 3 बच्चे जन्मे

3 बच्चों की सफल डिलीवरी करवाने वाली डॉ इंदू सिंह ने बताया कि तीनों बच्चे और उनकी मां पूरी तरह से स्वस्थ है। उज्जैन के ऑर्थो अस्पताल में ऑपरेशन से महिला की डिलीवरी रही। नागदा के ग्राम अजीमाबाद पारदी में रहने वाली गीता ने बच्चे जन्मे हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान रेगुलर ट्रीटमेंट के चलते गीता को 9 महीने तक कोई परेशानी नहीं आई।

गीता के पति धन्नालाल ने बताया था कि 3 साल पहले उन्होंने अपना पहना बच्चा खो दिया था। नवजात शिशु के हार्ट में डिफेक्ट होने के कारण 10 से 15 दिन में ही उसकी मौत हो गई थी। अब गीता अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर काफी सेंसिटिव है। डॉ इंदू ने बताया कि यह जानने के बाद गीता को खास देखभाल दी गई थी।

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प्रेग्नेंसी और डिलीवरी में क्या कठिनाइयां आईं?

डॉ इंदू ने बताया कि पहले बच्चे की मौत के बाद गीता और उनके पति धन्नालाल डॉ इंदू सिंह के पास आए थे। उन्होंने दोनों की काउंसिलिंग की। उन्होंने बेबी प्लान किया, ट्रीटमेंट कराया। उसके बाद जब गीता गर्भवती हुई तो पहली सोनोग्राफी से ही पता चल गया था कि गीता के गर्भ में 3 भ्रूण हैं।

शुरुआत में गीता के परिवार के लोग ही नहीं, बल्कि डॉक्टर्स भी इस बात से घबराए हुए थे कि आखिर गर्भ में तीनों बच्चों को 9 महीने तक किस तरीके से स्वस्थ रखा जाए, लेकिन जब हमने ट्रीटमेंट किया तो सोनोग्राफी में बच्चे बढ़ने और उनके स्वस्थ होने की जानकारी मिलती रही। आखिरी समय तक भी बच्चों को काफी केयर दी गई और सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई।

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करियर मे पहली बार करवाई ऐसी डिलीवरी

3 बच्चों की सफल डिलीवरी कराने के बाद खुशी जाहिर करते हुए डॉ इंदू सिंह ने बताया कि यह डिलीवरी उनके लिए काफी चौंकाने वाली है। उनके 15 साल के करियर में यह पहली ऐसी डिलीवरी है कि 3 बच्चे एक साथ जन्मे हो। गीता की सर्जरी करीब 40 से 45 मिनट तक चली और फिर 6 मिनट में तीनों बच्चों को जन्म हो गया। गीता ने 2 लड़कियों और एक लड़के को स्वस्थ रूप से जन्म दिया है।

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First published on: Apr 14, 2024 12:55 PM

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