हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

फर्जी सर्टिफिकेट और पुलिस की नौकरी; जानें कैसे 23 साल बाद पकड़ा गया इंदौर का 'नटवरलाल'?

Natwarlal in Indore Police: इंदौर में एक नटवरलाल’ फर्जी कागज के आधार पर 23 साल तक पुलिस आरक्षक के पद पर नौकरी कर रहा था।

विज्ञापन
फर्जी सर्टिफिकेट के साथ 23 साल तक की पुलिस की नौकरी

Natwarlal in Indore Police: मध्य प्रदेश के इंदौर से फर्जीवाड़े का हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पुलिस इंस्पेक्टर की 23 साल पुरानी एक बड़ी चोरी पकड़ी गई है। इस ‘नटवरलाल’ पुलिस वाले ने नौकरी हासिल करने के लिए अपना फर्जी जाति प्रमाण पत्र जमा करवाया था। उसी के आधार पर 23 साल तक पुलिस के आरक्षक पद पर नौकरी करता रहा है। इस पुलिसवाले के खिलाफ 420 सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

‘नटवरलाल’ पुलिस का फर्जीवाड़ा

आरोपी आरक्षक पहचान सत्यनारायण वैष्णव के रूप में हुई हैं। सत्यनारायण वैष्णव ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र देकर 4 अगस्त 1983 को पुलिस की नौकरी हासिल की थी। वैष्णव ब्राह्मण समाज से आता था, लेकिन नौकरी पाने के लिए उसने कोरी समाज से जुड़ा जाति प्रमाण पत्र जमा करवाया था। इस फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर वह 23 साल तक पुलिस की नौकरी करता रहा है। सत्यनारायण वैष्णव की यह चोरी तब सामने आई, जब उसके खिलाफ शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच करते हुए इस ‘नटवरलाल’ पुलिस की फर्जी जाति प्रमाण पत्र की सच्चाई सामने आई।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: खजुराहो नृत्य समारोह को हुए 50 साल, धूमधाम से मनाई जाएगी स्वर्ण जयंती, जानें क्या है सेलिब्रेशन प्लान?

पुलिस की कार्रवाई

इंदौर के जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र की सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने सत्यनारायण वैष्णव पर कार्रवाई शुरू की और 420 सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद यह मामला कोर्ट में चला गया। कोर्ट ने इस पुलिसकर्मी को 4 हजार रुपए के जुर्माने के साथ 7 साल कैद की सजा सुनाई गई है।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola