TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

Madhya Pradesh Exit Polls 2023: भाजपा-कांग्रेस के बीच बंटे, त्रिशंकु विधानसभा के आसार

Madhya Pradesh Exit Polls 2023: चुनाव के लिए एग्जिट पोल 2023 विजेता के बारे में स्पष्ट तस्वीर देने में विफल रहे, क्योंकि अधिकांश सर्वेक्षणकर्ताओं ने कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच करीबी मुकाबले की भविष्यवाणी कर रहे हैं।

Madhya Pradesh Exit Polls 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल 2023 विजेता के बारे में स्पष्ट तस्वीर देने में विफल रहे, क्योंकि अधिकांश सर्वेक्षणकर्ताओं ने 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के बीच करीबी मुकाबले की भविष्यवाणी कर रहे हैं।

News24-TodaysChanakya के अनुसार भाजपा को पूर्ण बहुमत

हालांकि, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर News24-TodaysChanakya का एग्जिट पोल सामने आ गया है। इसके अनुसार सीएम शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर राज्य में पूर्ण बहुमत से सरकार बना सकते हैं। चाणक्य एग्जिट पोल ने 230 सदस्यीय विधानसभा में 151 सीटों के साथ भाजपा की भारी जीत का अनुमान लगाया है। इसने विपक्षी कांग्रेस को केवल 74 सीटें दीं, अन्य को पांच बताई हैं। यह भी पढ़ें- Madhya Pradesh Exit Polls 2023 : ग्वालियर चंबल पर किसका रहेगा दबदबा? देखें रीजन वाइज नतीजे

फंस सकता है पेंच

वहीं, रिपब्लिक टीवी-मैट्रिज के एग्जिट पोल ने भाजपा को बढ़त दी है और अनुमान लगाया है कि सत्तारूढ़ पार्टी 118 से 130 सीटें जीतेगी तथा कांग्रेस के लिए 97-107 सीटों पर विजयी होगी और अन्य दलों को 0-2 सीटें मिलेंगी। मध्य प्रदेश में चुनाव को लेकर टीवी9 भारतवर्ष-पोलस्ट्रैट एग्जिट पोल 2023 में भविष्यवाणी की गई है कि कांग्रेस 111 से 121 सीटों के बीच जीत सकती है, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा 106 से 116 सीटें हासिल कर सकती है, जबकि अन्य को 0 से छह सीटें दी हैं। वहीं, जन की बात ने कांग्रेस के लिए 102-125 सीटें, सत्तारूढ़ भाजपा के लिए 100-123 सीटें और अन्य के लिए 5 सीटों का अनुमान लगाया गया है।

2018 विधानसभा चुनाव में कुछ ऐसा था परिणाम

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 109 सीटें मिली थीं। वहीं, कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई थी लेकिन, कुछ महीनों बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों को लेकर बीजेपी में शामिल हो गए थे और इसके चलते भाजपा के हाथों में फिर से प्रदेश की सत्ता आ गई थी।  


Topics: