गुजरात के वडोदरा में पुल हादसे के बाद पहला बड़ा एक्शन हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जांच टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें सड़क एवं भवन विभाग के एक अधिशासी अभियंता, दो उप-अधिशासी अभियंता और एक सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। हादसे में अभी तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बुधवार सुबह 7.45 बजे वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला गंभीरा ब्रिज टूट गया था। यह ब्रिज महिसागर नदी के ऊपर स्थित है। इसके चलते करीब 7 वाहन नदी में गिर गए थे।
जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई
गुजरात सरकार के सूचना विभाग ने बताया कि सड़क एवं भवन विभाग के एक एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, दो डिप्टी इंजीनियर और एक अस्सिटेंट इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना से प्रभावित मुजपुर-गंभीरा पुल की अब तक की मरम्मत, निरीक्षण और गुणवत्ता जांच पर एक रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी विशेषज्ञों की एक टीम को सौंपी थी। विशेषज्ञों की टीम द्वारा दुर्घटना स्थल का दौरा करने के बाद दुर्घटना के कारणों की प्रारंभिक जांच के आधार पर मुख्यमंत्री ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एन.एम. नायकवाला (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर), यू.सी. पटेल (डिप्टी इंजीनियर), आर.टी. पटेल (डिप्टी इंजीनियर) और जे.वी. शाह (अस्सिटेंट इंजीनियर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्य पुलों का भी तत्काल गहन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
पुल हादसे में मरने वालों की संख्या 15 पहुंची
महीसागर नदी पर बने गंभीरा पुल हादसे में मृतकों की संख्या 15 तक पहुंच गई है और तकरीबन 3 से 5 लोग लापता है। गुरुवार सुबह से ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें करीब 4 किलोमीटर तक नदी में तलाशी अभियान चला रही हैं। साथ ही पुल के नीचे फंसे वाहनों को निकालने का प्रयास जारी है ताकि लापता लोगों का पता चल सके।
गौरतलब है कि बुधवार को वडोदरा और आनंद को जोड़ने वाला महिसागर नदी पर बना 45 साल पुराना गंभीरा पुल अचानक ढह गया था और कई वाहनों के साथ लोग नदी में गिर गए थे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए छह सदस्यों की उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में दो चीफ इंजीनियर और दो प्राइवेट इंजीनियर शामिल हैं, जो पुल निर्माण के विशेषज्ञ हैं।
इन सब के बीच गुजरात भर से इसी तरह के जर्जर और खतरनाक फूलों की तस्वीर सामने आने लगी है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने पिछले साल ही मोरबी पुल हादसे की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को बताया था की राज्य के 1441 पुल अच्छी अवस्था में है और 28 पुलों की मरम्मत की जा रही है। मोरबी पुल हादसे के बाद हाई कोर्ट ने पुलों की देखरेख खुद राज्य सरकार को करने का निर्देश दिया था।
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