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सिस्टम का लूपहोल! फर्जी वोटर और आधार कार्ड…राम दुलारे बन अब्दुल रहमान ने बेच दी डेढ़ बीघा जमीन

एसपी अभिनंदन ने बताया कि शिकायती पत्र मिला कि एक व्यक्ति अपनी आइडेंटिटी बदल कर जमीन की खरीद फरोख्त की है, पूरे मामले की सीओ को जांच सौंपी गई है, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. पढ़िये गुजरात से वसीम अहमद की रिपोर्ट.

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Credit - Social Media

गुजरात से फर्जीवाड़े का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इस बात की मिसाल बन गया है कि सिस्टम की खामियों और ढीली पड़ती जांच-व्यवस्था का अपराधी किस तरह सालों तक फायदा उठाते रहते हैं. गुजरात का रहने वाला अब्दुल रहमान, तीन दशक पहले मर चुके राम दुलारे चौबे के नाम से न सिर्फ बस्ती के गांव में बस गया, बल्कि फर्जी पहचान के दम पर जमीन की रजिस्ट्री तक कर दी.

खुलासे से प्रशासन में मचा हड़कंप


बस्ती जनपद के सोनहा थाना क्षेत्र के छनवतिया गांव में गुजरात का रहने वाला अब्दुल रहमान राम दुलारे बन कर डेढ़ बीघा जमीन की रजिस्ट्री कर दी, जब इस का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया, आधार, वोटर आईडी में कूट रचित कर तरीके से अब्दुल रहमान ने अपना नाम बदल कर राम दुलारे कर लिया और राम दुलारे के हिस्से की डेढ़ बीघा जमीन फर्जी तरीके से दूसरे को रजिस्ट्री कर दी जबकि राम दुलारे की 30 साल पहले ही मौत हो चुकी है, खुलासे के बाद पुलिस की टीम जांच में जुट गई है.

अब्दुल रहमान ने कैसे किया ये पूरा कारनामा?


आप को बता दें गुजरात का रहने वाला अब्दुल रहमान गुजरात से बस्ती पहुंचा, 30 साल पहले मृत राम दुलारे के नाम अपना फर्जी मतदाता पहचान पत्र व आधार कार्ड बनवाकर वर्षों से गुजरात से आकर बस्ती के सोनहा थाना क्षेत्र के छनवतिया गाँव मे रहना शुरु कर दिया और फिर रामदुलारे चौबे बनकर जमीन की खरीद-फरोख्त भी करने लगा, गुजरात के वलसाड जिले के भिलाड़ बेस्ट नियर गरीब नवाज होटल भिलाड़ निवासी अब्दुल रहमान खान पुत्र अब्दुल माजिद खान बस्ती जिले के छनवतिया थाना सोनहा निवासी मृतक राम दुलारे चौबे पुत्र रुद्रनाथ बनकर जालसाजी किया है. ग्राम छनवतिया के मोहम्मद असलम पुत्र अब्दुल खालिद के निर्वाचन कार्ड नंबर TBM0139873 को स्कैन और एडिट कर वर्ष 2007 में फर्जी पहचान पत्र बनवाया है. सोनहा थाना क्षेत्र के रेंगी निवासी फूल चन्द चौधरी ने जब जिला निर्वाचन कार्यालय से छानबीन कराई तो मामला पकड़ में आया. जब निर्वाचन कार्यालय से नकल प्राप्त किया तो फर्जीवाड़ा की पोल खुली. इसी मतदाता पहचान पत्र को स्कैन और एडिट कराया और एक महिला से मिलकर कंप्यूटर के माध्यम से फर्जी नाम से 2016 में आधार कार्ड बनवा लिया.

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दो बार पहचान बदलकर रहा अब्दुल रहमान


अब्दुल रहमान ने दो बार अपना नाम परिवर्तित कराया है. इसके आधार पर एक महिला के नाम से बैनामा भी किया है. इस बीच इसने सल्टौवा ब्लाक में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था. आवेदन सत्यापन में जब उसके मोबाइल नंबर पर आधार कार्ड की मांग हुई तो उसने जल्दबाजी में गुजरात के निवास पते का आधार कार्ड नंबर 900494491819 भेज दिया. बाद में जब इसकी पोल खुल गई तो कुछ दिनों से इसने अपना ठिकाना बदल दिया. फर्जी पहचान पत्र, धोखाधड़ी, जालसाज़ी, मृतक व्यक्ति का प्रतिरूपण करते हुए भूमि की अवैध बिक्री, साजिश एवं गंभीर आपराधिक कृत्य से जुड़ा मामला है. उसके कनेक्शन यहां किसके-किसके साथ रहे, इसकी भी जांच शुरू हो गई है.

डेढ़ बिगहा जमीन के फर्जी कागजात


ग्राम छनवतिया के राम दुलारे चौबे के भाई राम पियारे पुत्र रुद्रनाथ ने बताया के मेरे छोटे भाई राम दुलारे चौबे की मृत्यु 30 वर्ष पहले हो चुकी है. भाई के हिस्से का करीब डेढ़ बिगहा जमीन फर्जी कागजात तैयार कराकर सिर्फ तीन लाख में बैनामा करा लिया गया. जब मुझे इसकी जानकारी हुई कि हमारी संपत्ति को दूसरे लोगों ने फर्जी बैनामा करा लिया तो निबंधन कार्यालय के साथ न्यायालय के संज्ञान में लाया गया है. सभी प्रपत्र जब पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचा तो उन्होंने इसकी जांच सीओ रुधौली को सौंप दिया. इस मामले में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने बताया कि यह गंभीर प्रकरण है. इसकी जांच सीओ रुधौली स्वर्णिमा सिंह को सौंपी गई है. जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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एसपी अभिनंदन ने बताया कि शिकायती पत्र मिला कि एक व्यक्ति अपनी आइडेंटिटी बदल कर जमीन की खरीद फरोख्त की है, पूरे मामले की सीओ को जांच सौंपी गई है, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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