कांग्रेस से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। कथित तौर पर उत्तेजक गाने के साथ एक एडिटेड वीडियो पोस्ट करने के लिए उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। बता दें, गुजरात हाई कोर्ट ने 17 जनवरी को कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की याचिका खारिज कर दी थी। इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ कथित तौर पर उत्तेजक गाने के साथ एक एडिटेड वीडियो पोस्ट करने के लिए जामनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने दावा किया है कि एफआईआर गुजरात पुलिस द्वारा दुर्भावनापूर्ण इरादे से दर्ज की गई है। आरोप था कि सोशल मीडिया एक्स पर प्रतापगढ़ी द्वारा अपलोड की गई थी। 46 सेकंड की वीडियो में हाथ हिलाते हुए जब वह चल रहे थे, तो उन पर फूलों की बारिश हो रही थी और बैकग्राउंड में गाना बज रहा था। आरोप है कि गाने के बोल काफी उकसानेवाला, राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक और धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने वाले हैं।
कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि जब आरोप बोले गए या लिखे गए शब्दों पर आधारित हो, तो यह तय करने के लिए कि क्या सूचना संज्ञेय अपराध का मामला बनाती है, पुलिस अधिकारी को शब्दों की विषय-वस्तु को पढ़ना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि भले ही बहुत से लोग किसी दूसरे के विचारों को नापसंद करते हों, लेकिन विचारों को व्यक्त करने के व्यक्ति के अधिकार का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए। कविता, नाटक, फ़िल्म, व्यंग्य और कला सहित साहित्य मनुष्य के जीवन को और अधिक सार्थक बनाता है।
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