बचपन से ही मेधावी अंशिका की पढ़ाई स्थानीय शहर के एक निजी विद्यालय में पूरी हुई। इंटर तक की पढ़ाई के दौरान अंशिका ने अपने जीवन में कितने ही उतार चढ़ाव देखें। मुखिया होने के कारण राजनीति विद्वेष के कारण परिवार में काफी उतार चढ़ाव आए। पर दृढ़ इच्छाशक्ति की धनी अंशिका ने किसी भी कठिनाई को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। और अपनी पढ़ाई अनवरत जारी रखी।
साइकिल से स्कूल जाते समय देखती थी हवाई जहाज का सपना
अंशिका की माता बेटी की यादों को ताजा करते हुए कहती हैं की अपने घर से स्कूल जाते वक्त बेटी आसमान में उड़ते हवाई जहाज को देखकर उसमे उड़ान भड़ने का सपना देखती थी। वह अक्सर अपनी मां से कहती थी की देखना आज मैं साइकिल से स्कूल जाती हूं लेकिन एक दिन मैं हवाई जहाज में चढ़ूंगी। मुझे क्या पता था की एक ऐसा वक्त आएगा की वह हवाई जहाज खुद उड़ाकर उसमें उड़ान भरेगी ।
और पढ़िए –Uttarakhand Land Subsidence: जोशीमठ-कर्णप्रयाग के बाद अब टिहरी ने बढ़ाई चिंता, यहां भी दरकने लगे मकान
56 इंच का सीना कैसा होता है आज पता चला
मुसहरी प्रखंड के रोहुआ पंचायत के पूर्व मुखिया सह मुसहरी मुखिया संघ के अध्यक्ष अजय कुमार और माता रीना सिंह की पुत्री अंशिका सिंह ने जब प्रशिक्षण के दौरान उड़ीसा के एक एयरपोर्ट से सफल एकल उड़ान भरकर अपनी पहली यात्रा पूरी की तब उसके पिता ने कहा की काफी गौरवांवित महसूस कर रहा हूं। सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। पिता कहते हैं की अभी तक 56 इंच के सीने की बात टेलीविजन पर देखता और सुनता था पर आज महसूस कर रहा हूं की 56 इंच का सीना कैसा होता है। इसकी सफलता के लिए अंशिका के सभी शिक्षकों का आभार प्रकट करता हूं ।
और पढ़िए –देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें