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चेहरे की पहचान से सीधे लाभ: पीएम मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को मिलेगा आसान भुगतान और पारदर्शिता

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भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना यानि PMMVY को पूरे देश में 1 जनवरी 2017 से शुरू किया गया था. इस योजना के तहत पहले बच्चे के लिए 5,000 और दूसरे बच्चे के लिए (यदि वह बेटी हो) 6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है.

एक जनवरी 2017 को योजना की शुरुआत से लेकर 8 जनवरी 2026 तक 4.26 करोड़ लाभार्थियों को कुल 20,060 करोड़ की मातृत्व सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा चुकी है. वित्त वर्ष 2025-26 में 8 जनवरी 2026 तक 59.19 लाख लाभार्थियों को कुल 2,022.08 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की गई है.

फेस रिकॉग्निशन सिस्टम

चेहरे की पहचान प्रणाली (FRS) का परिचय

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PMMVY के तहत सभी नए नामांकनों के लिए 21 मई, 2025 से चेहरे की पहचान के माध्यम से अनिवार्य बायोमेट्रिक सत्यापन शुरू किया गया है. इसके लिए पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध मौजूदा चेहरे की पहचान प्रणाली (FRS) का उपयोग किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे. वही पोषण ट्रैकर पर FRS उपलब्ध नहीं है, तो आधार फेसआरडी ऐप के माध्यम से UIDAI-आधारित चेहरे की पहचान की अतिरिक्त सुविधा भी उपलब्ध है.

FRS प्रणाली को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है. इस सुविधा की शुरुआत के बाद से, FRS के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद 23.60 लाख लाभार्थियों (08.01.2026 तक) का नामांकन किया जा चुका है.

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इस परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं. जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक पहुंचने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, वीडियो ट्यूटोरियल उपलब्ध करा रहा हैं

इसके अलावा, चेहरे की पहचान प्रणाली (FRS) को अपनाने में आने वाली शुरुआती चुनौतियों का समाधान करने और वित्तीय वर्ष के लिए नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से 15 जुलाई से 15 अगस्त 2025 तक एक विशेष नामांकन अभियान आयोजित किया गया था. इस अभियान के दौरान, FRS सत्यापन के बाद 4.63 लाख लाभार्थियों का नामांकन किया गया.

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घर घर जाकर पहुंचाया जायेगा लाभ

लाभार्थियों के घर-घर जाकर सहायता पहुंचाने के लिए, मंत्रालय अब पोषण ट्रैकर के उपलब्ध डेटाबेस का उपयोग करके संभावित लाभार्थियों की एक सूची तैयार कर रहा है. ऐसा करने का उद्देश्य क्षेत्र के अधिकारियों से संपर्क करने का इंतजार करना नहीं है. पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत और कुछ मानदंडों को पूरा करने वाली सभी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को इस सूची में शामिल किया गया है.

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इसके बाद, पोषण ट्रैकर से सूची को आंगनवाड़ी स्तर पर PMMVY पोर्टल पर स्थानांतरित कर दिया जाता है. यह सूची आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (AWW) और आशा कार्यकर्ताओं के लिए उपलब्ध होती है. फील्ड पदाधिकारी को सूची में प्रत्येक नाम पर कार्रवाई करनी होती है, या तो लाभार्थी का पंजीकरण करके या वैध कारण बताते हुए उसे अस्वीकार करके.

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ऐसे करें शिकायत

PMMVY में शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए एक एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली शुरू की गई है. PMMVY पोर्टल में एकीकृत शिकायत निवारण मॉड्यूल उपलब्ध है. शिकायत दर्ज करने के बाद, आवेदक को टिकट नंबर के साथ एक SMS भेजा जाता है और वे मॉड्यूल पर अपनी शिकायत की स्थिति भी देख सकते हैं.
नागरिक एकीकृत शिकायत मॉड्यूल पर अपनी शिकायतें तीन तरीकों से दर्ज कर सकते हैं:

  • सीधे PMMVY पोर्टल पर कोई भी व्यक्ति PMMVY पोर्टल पर जाकर सीधे शिकायत दर्ज करा सकता है.
  • PMMVY हेल्पलाइन 1515 के माध्यम से एक समर्पित PMMVY हेल्पलाइन 1515 शुरू की गई है, जहां एजेंट न केवल योजना के बारे में जानकारी देते हैं बल्कि आवेदक की ओर से शिकायत भी दर्ज करते हैं.
  • सीपीग्राम्स के माध्यम से सीपीग्राम्स पर प्राप्त शिकायतों को अब आवेदक की ओर से एकीकृत शिकायत पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है और आवेदक को इसकी सूचना सीपीग्राम्स पोर्टल और SMS के माध्यम से दी जाती है.

लॉस्ट एंड ट्रैक मॉडल

PMMVY पोर्टल पर सर्च एंड ट्रैक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जहां आवेदक अपनी लाभार्थी आईडी/पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करके आवेदन और भुगतान की स्थिति का पता लगा सकते हैं. यह सुविधा PMMVY हेल्पलाइन-1515 के हेल्पलाइन एजेंट के लिए भी उपलब्ध है. 08.01.2026 तक, 73 लाख से अधिक लाभार्थियों और कॉल एजेंटों ने अपनी स्थिति का पता लगाने के लिए इस सुविधा का उपयोग किया है.

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PRAGATI बैठक के बाद किए गए सुधारों ने योजना के क्रियान्वयन को और मजबूत किया है. डिजिटल निगरानी, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और ड्यू लिस्ट जैसी व्यवस्थाओं से न केवल पात्र लाभार्थियों तक समय पर मदद पहुंच रही है, बल्कि फर्जीवाड़े पर भी प्रभावी रोक लगी है.

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