दिल्ली में बीजेपी सरकार के गठन के बाद यमुना नदी के सफाई अभियान का असर दिखने लगा है। न्यूज24 को मिली एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली के 8 प्रमुख स्थानों में से 7 पर यमुना नदी 5 से 23 गुना तक साफ हो चुकी है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ओर से रिपोर्ट जारी की गई है, जिसके मुताबिक 3 मार्च को शहर के 8 स्थानों से जल के नमूने लिए गए थे। 7 अप्रैल को इसकी रिपोर्ट तैयार हुई है। रिपोर्ट में फीकल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह जल प्रदूषण का बड़ा संकेतक माना जाता है।
रिपोर्ट में इन इलाकों का जिक्र
ISBT: इस इलाके में फीकल कोलिफॉर्म का स्तर फरवरी में 54 लाख प्रति 100 मिलीलीटर मिला था, जो मार्च में घटकर 2.3 लाख रह गया (23 गुना सुधार)
निजामुद्दीन: फीकल कोलिफॉर्म का स्तर 5.4 लाख से घटकर 35000 दर्ज किया गया है (15 गुना गिरावट)
ITO: फीकल कोलिफॉर्म का स्तर 43 लाख से घटकर 3.3 लाख दर्ज किया गया है (13 गुना सुधार)
ओखला: फीकल कोलिफॉर्म का स्तर 9.2 लाख से घटकर 1.4 लाख दर्ज किया गया है
आगरा कैनाल: फीकल कोलिफॉर्म का स्तर 9.2 लाख से घटकर 1.8 लाख दर्ज किया गया है
असगरपुर: फीकल कोलिफॉर्म का स्तर 1.6 करोड़ से गिरकर 13 लाख दर्ज किया गया है (सबसे बड़ा सुधार)
वजीराबाद (यहां नजफगढ़ ड्रेन यमुना में मिलती है): फीकल कोलिफॉर्म का स्तर 3500 से घटकर 2500 दर्ज किया गया है
पल्ला (यहां यमुना दिल्ली में प्रवेश करती है): फीकल कोलिफॉर्म का स्तर 1300 से बढ़कर 2100 दर्ज किया गया है।