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स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 नामक दुर्लभ बीमारी (Rare Diseases) से ग्रसित है दिल्ली के नजफगढ़ का 18 महीने का कनव जांगड़ा
दरअसल, कनव जांगड़ा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 नामक दुर्लभ बीमारी (Rare Diseases) से ग्रसित है। कनव 7 महीने का था, जब उसके शरीर में इस भयानक बीमारी की पहचान हुई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो यह एक आनुवांशिक बीमारी है। इसके साथ पैदा हुआ बच्चा खाना-पीना और चलना-फिरना तो दूर की बात, बैठ भी नहीं सकता। ठीक से सांस भी नहीं ले पाता।अगर किसी तरह 2 साल का हो जाए तो फिर आगे उसे वेंटिलेटर के सहारे ही जिंदा रखा जा सकता है। हालांकि बचने की संभावनाएं फिर भी कम ही होती हैं।
कनव के अमित जांगड़ा बताते हैं कि बेटे को 2 साल तक की उम्र देने के लिए एक खास इंजेक्शन की जरूरत थी, जो 17.5 करोड़ रुपए खर्च करके अमेरिका से आयात किया जाना था। सामर्थ्य नहीं होने के चलते एक टैक्सेशन अफसर की मदद से अमित ने ऑनलाइन क्राउड फंडिंग के लिए अलख जगाई। देखते ही देखते कुछ ही दिनों में एक-एक करके डेढ़ लोग मदद के लिए आगे आए। उनकी तरफ से साढ़े 10 करोड़ रुपए जुटाए गए।
अमेरिकी दवा कंपनी ने 10.5 करोड़ में भेजा 17.5 करोड़ का दुर्लभ इंजेक्शन 'जोल्गेन्स्मा'
उधर, मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नजफगढ़ स्थित कनव के घर जाकर उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कनव के पिता से मुलाकात करने के बाद केजरीवाल ने कहा, 'सांसद संजीव अरोड़ा और संजय सिंह के प्रयास और जनता के सहयोग से कनव को यह इंजेक्शन मिल चुका है। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने कनव की मदद की'।