दिल्ली पुलिस ने मांगी सेना की मदद
जानकारी सामने आ रही है कि दिल्ली में होने वाले जी-20 सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सेना ने भी कमर कस ली है। इसके लिए थल सेना और वायुसेना ने फूलप्रूफ प्लान बनाया है। सुरक्षा के मद्देनजर सेना जरूरत के अनुसार, दिल्ली पुलिस और प्रशासन को हर तरह का सहयोग देगी। एक तरफ सुरक्षा के किले को अभेद्य बनाएगी तो दूसरी तरफ प्रशासन को मदद करेगी ।एक्सप्लोसिव डिटेक्शन डॉग्स यूनिट तैनात रहेगी
मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 15 से ज़्यादा ऐसे डॉग्स सक्रिय रहेंगे, जो विस्फोटक सामग्री रहने की स्थिति में उसे सूंघकर तुरंत सबको अलर्ट कर देंगे। पांच से दस बम डिस्पोजल स्क्वाड भी तैनात रहेंगे। बता दें कि एक टीम में चार से पांच जवान होते हैं। ऐसे ट्रेंड टेक्नीशियन होते हैं जो बम का पता लगने पर उसे आसानी से डिफ्यूज कर सकते हैं। जिस गाड़ी में ये टीम होती है उसमें एक रोबोटिक उपकरण भी होता है जो बम को निष्क्रिय कर सकता है।संभावित हमला रोकेगी सेना
इसके अलावा, थल सेना का मुख्य काम दिल्ली की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने में वायुसेना को मदद पहुंचाना होगा। अपने एयर डिफेंस से सेना दिल्ली की सुरक्षा का घेरा मजबूत करने में तैनात रखेगी। साथ ही हाई टेक काउंटर ड्रोन उपकरण भी लगाएगी, ताकि ड्रोन से होने वाले किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके।तैयार रहेगी डॉक्टरों की टीम
इतना ही नहीं, सेना की मेडिकल टीम भी 24 घंटे तैयार रहेगी, ताकि किसी तरह की इमरजेंसी में लोगों की मदद की जा सके। वहीं देश को किसी भी आसमानी खतरे से सुरक्षित रखने के लिए भारतीय वायुसेना दिल्ली-एनसीआर में हवाई सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी और तैनाती करेगी। जैसा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान होता है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर मानव रहित हवाई निगरानी की रणनीति विकसित की गई है, जिसमें सभी सशस्त्र बल और सीएपीएफ शामिल हैं।---विज्ञापन---