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दिल्ली में रॉन्ग साइड कार दौड़ाना पड़ा भारी, देश में पहली बार दर्ज हुई FIR, क्या है नया नियम?

दिल्ली में ट्रैफिक उल्लंघन पर एक ऐसी कार्रवाई हुई है, जिससे इसकी चर्चा चारों तरफ होने लगी। दिल्ली में कैंट इलाके में रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने पर पुलिस ने आरोपी पर एफआईआर तक दर्ज कर ली। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक युवक को रॉन्ग साइड ड्राइविंग करना भारी पड़ गया। कैंट थाना इलाके में हनुमान मंदिर के पास पर युवक ने रॉन्ग साइज कार दौड़ाई थी। ट्रैफिक पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। दावा किया जा रहा है कि रॉन्ग साइड नियम उल्लंघन पर पहली बार केस दर्ज हुआ है। केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश में रॉन्ग साइड के मामले में पहली बार एफआईआर दर्ज हुई है।

गत 3 जनवरी को कुसुमपुर पहाड़ी निवासी अमन कार से जा रहा था। कैंट थाना इलाके में हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास अमन ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग की। इससे सीधी दिशा से आ रहे वाहनों के लिए काफी खतरा हुआ। ASI सुनील कुमार की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। आरोपी अमन मूल रूप से यूपी के शाहजहांपुर का रहने वाला है। जांच में पता चला कि आरोपी अमन के पास ड्राइविंग लाइसेंस और कार का बीमा भी नहीं था। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके अलावा आरोपी पर मोटर व्हीकल एक्ट की 3/181, 146, 196 धाराएं भी लगीं हैं।

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पहले सिर्फ चालान, अब एफआईआर भी

बता दें कि रॉन्ग साइड मामले में पहले केवल चालान ही होता था लेकिन अब गंभीर स्थिति में एफआईआर दर्ज करने का नियम भी है। आरोपी पर बीएनएस की धारा 281 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आईपीएसी में यह यह धारा 279 थी।
इस धारा में तेज और लापरवाह ड्राइविंग से जान को खतरा बताया गया है।

इस धारा में 6 महीने तक जेल या 1,000 रुपये जुर्माना या दोनों हो प्रावधान है। पहले रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर चालान 5,000 रुपये का चालान, दोबारा उल्लघंन पर 10,000 तक चालान और लाइसेंस निलंबन का नियम है। हालांकि अभी भी केवल गंभीर मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो सकती है।

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