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सरकारी नौकरी के लिए नकल कराने वाले गैंग का भंडाफोड़, देश की राजधानी में चल रहा था रैकेट

New Delhi: दिल्ली की ग्रेटर कैलाश पुलिस ने सरकारी नौकरी की परीक्षा में नकल कराने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जवाहर नवोदय विद्यालय समिति द्वारा सीबीएसई बोर्ड के आयोजित जूनियर सेक्रेटेरिएट अटेंडेंट के पद के लिए हुई परीक्षा के दौरान हुई।

सरकारी नौकरी में नकल कराने वाले गैंग का भंडाफोड़
New Delhi: देश की राजधानी में नकल कराने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सरकारी नौकरी की परीक्षा कराने वाले गैंग के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक डमी परीक्षार्थी, एक ही स्कूल 2 कर्मचारियों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। स्कूल के दो कर्मचारी भी शामिल दक्षिण जिले की ग्रेटर कैलाश पुलिस ने सरकारी नौकरी की परीक्षा में नकल कराने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जवाहर नवोदय विद्यालय समिति द्वारा सीबीएसई द्वारा आयोजित जूनियर सेक्रेटेरिएट अटेंडेंट के पद के लिए हुई परीक्षा के दौरान हुई। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान डमी परीक्षार्थी सुमित दहिया, परीक्षा केंद्र वाले निजी स्कूल में बिमल कुमार सिंह, फिजिक्स के शिक्षक बलजीत सिंह, उसी स्कूल के कार्यालय अधीक्षक और एक 40 वर्षीय महिला के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इस पूरे ऑपरेशन को सुविधाजनक बनाया। इस मामले में असली परीक्षार्थी अंकुर और एक बिचौलिए अभी फरार है। 6 लाख रुपये में हुई थी डील पुलिस के अनुसार, 18 मई, को ग्रेटर कैलाश-I, हेमकुंट कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र में प्रतिरूपण (impersonation) की सूचना मिली थी। गश्त कर रही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां स्कूल के प्रिंसिपल ने घटना की पुष्टि की। जांच में पता चला कि सुमित दहिया, अंकुर की जगह परीक्षा दे रहा था। मामले में ग्रेटर कैलाश पुलिस स्टेशन ने सुमित दहिया को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान सुमित दहिया ने खुलासा किया कि एक बिचौलिए ने उसे अंकुर की जगह डमी परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देने के लिए 6 लाख रुपये का वादा किया था। 50 हजार रुपये दिए थे एडवांस उसने यह भी बताया कि उसने अपनी परिचित एक महिला से संपर्क किया, जिसका स्कूल से संबंध था, और उसे परीक्षा केंद्र में उसकी आसान एंट्री के लिए 2 लाख रुपये देने की पेशकश की। उस महिला ने सुमित दहिया को बिमल कुमार सिंह और बलजीत सिंह से मिलवाया, जिनमें से प्रत्येक को परीक्षा के दौरान उसकी निर्बाध एंट्री सुनिश्चित करने के लिए 50,000 रुपये दिए गए थे। महिला है गैंग की सरगना दिल्ली के माजरा कांजवाला की रहने वाली यह महिला कथित तौर पर 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए नेशनल ओपन स्कूल के फॉर्म भरती थी और स्कूल के कर्मचारियों से उसके संबंध थे, क्योंकि वह एनआईओएस की परीक्षाएं आयोजित करती थी। पुलिस ने अंकुर का असली आधार कार्ड, उसका असली एडमिट कार्ड, और सुमित दहिया द्वारा परीक्षा केंद्र में भरी गई ओरिजिनल ओएमआर शीट बरामद कर ली है।


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