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दिल्ली में कम हुआ क्राइम रेट, क्या वाकई में सेफ हो रही है राजधानी?

साल 2025 के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है और पुलिस की सॉल्विंग रेट बेहतर हुई है. हालांकि स्नैचिंग और जबरन वसूली जैसे स्ट्रीट क्राइम अब भी राजधानी की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं. पढ़िए दिल्ली से विमल कौशिक की रिपोर्ट.

साल 2025 में दिल्ली में हत्या के 491 मामले दर्ज हुए, जो 2023 और 2024 के मुकाबले कम हैं. राहत की बात यह है कि इनमें से 95 प्रतिशत से ज्यादा मामलों को सुलझा लिया गया, यानी पुलिस की जांच की रफ्तार बेहतर रही. हत्या की कोशिश के मामलों की बात करें तो 2025 में 854 केस सामने आए, जिनमें से 98 प्रतिशत से अधिक केस सॉल्व किए गए.

डकैती और लूट की वारदातें भी हुई कम

डकैती और लूट जैसे मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है. 2023 में जहां 1654 लूट की वारदातें हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 1326 रह गई. पुलिस ने इनमें से करीब 97.5 प्रतिशत मामलों को सुलझाने का दावा किया है. यह आंकड़े कानून व्यवस्था में सुधार की ओर इशारा करते हैं.

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महिलाओं के खिलाफ अपराध का आंकड़ा क्या हैं कहता

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी दिखती है. बलात्कार के मामलों में 2023 के मुकाबले 2025 में लगभग 240 मामलों की गिरावट आई है. 2025 में दर्ज 1901 मामलों में से 97 प्रतिशत से अधिक केस सॉल्व किए गए. इसके अलावा महिलाओं से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों (M.O. Women) के मामलों में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है.

स्ट्रीट क्राइम का आंकड़ा पुलिसिंग पर उठा रहा है सवाल

हालांकि, चेन स्नैचिंग और जबरन वसूली जैसे अपराध अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं. 2025 में स्नैचिंग के 5406 मामले सामने आए, जिनमें से सिर्फ 64 प्रतिशत केस ही सुलझ पाए. यही हाल जबरन वसूली का भी रहा, जहां सॉल्विंग रेट 63 प्रतिशत के आसपास है. यह आंकड़े बताते हैं कि सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर अभी भी काफी काम बाकी है.

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ईव टीसिंग के मामले

ईव-टीजिंग के मामलों में भी मामूली गिरावट देखी गई है. 2025 में 337 मामले दर्ज हुए और करीब 89 प्रतिशत केस सुलझाए गए, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है.

कुल मिलाकर देखा जाए तो दिल्ली में अपराध के आंकड़े घटे हैं और पुलिस की सॉल्विंग रेट बेहतर हुई है, लेकिन पूरी तरह निश्चिंत होने की स्थिति अभी नहीं आई है. खासतौर पर स्नैचिंग और वसूली जैसे अपराध आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं.


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