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दिल्ली सरकार बनाने में RSS की चली या BJP की? जानें क्या कहते हैं पाॅलिटिकल पंडित

Why Pravesh Verma Missed CM Post: दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की सरकार बन गई है। रेखा गुप्ता बीजेपी की दूसरी और दिल्ली की चौथी महिला सीएम बनीं हैं। ऐसे में आइये जानते हैं रेखा गुप्ता के नाम पर बीजेपी और संघ में कैसे सहमति बनी और क्यों प्रवेश वर्मा सीएम की रेस में पिछड़ गए?

RSS vs BJP in Delhi CM Decision
RSS vs BJP in Delhi CM Decision: दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने कामकाज संभाल लिया है। दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी को बुलाया गया है। इसके साथ ही सीएम आज विभिन्न विभागों की मीटिंग बुला रही है। जिसको लेकर आज शाम तक कुछ बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं। ऐसे में सभी के मन में एक ही सवाल है कि अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा सीएम क्यों नहीं बन पाए? रेखा गुप्ता के नाम पर बीजेपी आलाकमान और संघ के बीच कैसे बनी? सीएम और कैबिनेट बनाने में किसकी चली? बुधवार शाम को 7 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक में सीएम के तौर पर रेखा गुप्ता का नाम सामने आया तो हर कोई हैरान रह गया। कुछ राजनीतिक पंडितों ने कहा कि यहां पर आरएसएस की चली है तो कुछ विश्लेषकों ने कहा कि बीजेपी में एक धड़ा नहीं चाहता था कि प्रवेश वर्मा सीएम बने। इसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि सरकार में नंबर दो की भूमिका प्रवेश वर्मा की रहेगी। यानी वे डिप्टी सीएम बनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्हें डिप्टी सीएम भी नहीं बनाया गया। हालांकि प्रवेश वर्मा को सरकार में मंत्री बनाया गया है और शिक्षा और पीडब्ल्यूडी जैसे बड़े विभाग उन्हें दिए गए हैं। ऐसे में अब आइये जानते हैं राजनीतिक पंडित दिल्ली की इस नई नवेली सरकार पर क्या कहते हैं?

प्रवेश वर्मा कैसे रेस से बाहर हुए?

दिल्ली सीएम बनाने में आरएसएस की कितनी भूमिका है, इसको लेकर नवोदय टाइम्स के संपादक अकु श्रीवास्तव ने कहा कि दिल्ली चुनाव नतीजों के बाद प्रवेश वर्मा ने जिस प्रकार रिएक्ट किया, वह उनके लिए सेल्फ गोल साबित हुआ। प्रवेश वर्मा चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद दिन में 1 बजे गृहमंत्री अमित शाह से मिलने उनके आवास पर पहुंच जाते हैं। इसके बाद घर के बाहर समर्थकों की नारेबाजी और परिवार के सदस्यों के इंटरव्यू जिसमें उनके नेतृत्व को लेकर बात की गई। ये कहीं न कहीं संघ को नागवार गुजरी।

ऐसे बनाई गई कैबिनेट

उन्होंने बताया कि कैबिनेट गठन में भी संघ की ही चली है। कपिल मिश्रा से लेकर पंकज कुमार सिंह सभी संघ की सिफारिश पर ही मंत्री बनाए गए हैं। नवोदय टाइम्स के संपादक ने बताया कि बीजेपी में अब किसी नेता के एंट्री करते ही उसे पद नहीं दिया जा रहा है। बल्कि उसे 5-7 साल तक कसौटी पर कसा जाता है। इसके बाद ही उसे सरकार और पार्टी में जगह मिलती है। ये भी पढ़ेंः शपथ के बाद एक्शन में CM रेखा गुप्ता, आतिशी और पूर्व मंत्रियों के निजी स्टाफ हटाए हालांकि प्रवेश वर्मा और अन्य बड़े नेता जैसे सतीश उपाध्याय, हरीश खुराना नाराज न हो इसके लिए पीएम ने स्वयं पहल की। पार्टी आलाकमान ने अलग से इन नेताओं से बात की। इसके बाद ही रेखा गुप्ता के नाम पर सहमति बनाई गई।

अब इस पैटर्न पर सीएम बना रही बीजेपी

दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार मुकेश केजरीवाल ने इस पर कहा कि पूरे देश में अब चुनाव पीएम मोदी के चेहरे पर ही लड़ा जा रहा है। अब हाल के चुनावों में यह पैटर्न बन गया है कि जिस नेता की कैमिस्ट्री पार्टी आलाकमान और केंद्र सरकार से अच्छी होगी, उसी को सीएम बनाया जाएगा। रेखा गुप्ता मेयर का चुनाव लड़ चुकी है। इसके बाद वह सोशल मीडिया पर केजरीवाल के खिलाफ लगातार बयानबाजी करती रही, जिससे वह लगातार सुर्खियों में रहीं। पार्टी अब पुराने जमीनी नेताओं की जगह नई लीडरशिप तैयार करने में जुटी है। ये भी पढ़ेंः दिल्ली में महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा जारी रहेगी, मंत्री का बड़ा ऐलान


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