Supreme Court Reaction Over Delhi Smog Towers Shutting: दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूख अपना लिया है। दिल्ली में बने दोनों स्मॉग टॉवर बंद पड़े हैं। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष अश्विनी कुमार को तलब किया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दोनों टावरों को तुरंत चालू करने का निर्देश भी दिया है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि दिल्ली को साल-दर-साल ऐसे ही नहीं चलाया जा सकता। अदालत ने संबंधित मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशक को आदेश की पूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए जिम्मेदार बनाया है। अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
मंत्री गोपाल राय ने स्मॉग टॉवर बंद करने पर अपनी राय दी
दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के आलोचनात्मक रवैये के बीच पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को दावा किया कि केंद्र द्वारा पेमेंट नहीं किए जाने के कारण शहर के कनॉट प्लेस में बना स्मॉग टॉवर निष्क्रिय है। जैसे ही दिल्ली वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब हुआ, कई भाजपा नेता कनॉट प्लेस स्थित स्मॉग टॉवर पर गए और वीडियो बनाकर आम आदमी पार्टी पर इसे बंद करने के पीछे होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 2 स्मॉग टावर हैं। एक आनंद विहार में स्थित है, जिसे केंद्र सरकार संचालित करती है। दूसरा कनॉट प्लेस में हैं, जिसे दिल्ली सरकार संचालित करती है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि DPCC अश्विनी कुमार के आदेश पर कनॉट प्लेस में स्मॉग टॉवर को मनमाने ढंग से बंद कर दिया गया है। उन्होंने सरकार को सूचित किए बिना ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे और इस परियोजना पर काम कर रही अन्य एजेंसियों के लिए फंड जारी करने पर रोक लगा दी थी। जब पेमेंट रोक दिया गया तो एजेंसियों ने अपना काम रोक दिया। स्मॉग टावर ठप हो गया।
पेमेंट नहीं किए जाने पर ठप हुए दोनों स्मॉट टॉवर
मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी 2020 को एक आदेश दिया था। दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 2 स्मॉग टावर लगाए जाएं। एक आनंद विहार में सेंट्रल गवर्नमेंट को लगाना था। दूसरा दिल्ली सरकार को क्नॉट प्लेस में लगाना था। आदेश के अनुसार, क्नॉट प्लेस में दिल्ली सरकार ने स्मॉग टावर लगाया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अगस्त 2021 में किया था। IIT दिल्ली और IIT बॉम्बे को इसे मॉनिटर करके 2 साल के अंदर इसकी स्टडी को पूरा करना था। स्टडी चल रही थी और दोनों ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप भी दी थी। इस बीच केंद्र सरकार ने पर्यावरण सचिव को हटाकर स्पेशल ड्यूटी पर अश्विनी कुमार को चेयरमैन नियुक्त कर दिया। उन्होंने आते ही स्मॉग टावर को बंद कर दिया। अश्विनी कुमार ने 'सुपर पावर' का इस्तेमाल करते हुए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए स्टडी के लिए फंड देने का काम रोक दिया।