CM गहलोत ने अमित शाह द्वारा जोधपुर में की गई बयानबाजी को बताया पूर्णत: "झूठ एवं हास्यास्पद"
Author: Nirmal Pareek
Sep 11, 2022 03:53 PM IST
जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जोधपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के बयानों को ”तथ्यात्मक रूप से गलत और हास्यास्पद” बताया है।
सीएम गहलोत ने शाह के इस आरोप का जिक्र करते हुए कहा कि, “यह बेहद आश्चर्य की बात है कि आज जोधपुर में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने जो बयान दिए हैं वो तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। देश की जनता गृहमंत्री के तौर पर उनके भाषण में तथ्यात्मक बातें होने की उम्मीद करती है क्योंकि उन्हें जो इनपुट सरकारी अधिकारियों, इंटेलिजेंस एवं भाजपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं द्वारा उपलब्ध करवाए जाएं वो सत्य होने चाहिए परन्तु इस भाषण में ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें तथ्य बताए ही नहीं गए। इसी कारण उन्होंने झूठ से परिपूर्ण भाषण दिया।”
सीएम गहलोत ने कई आरोप लगाते हुए ये भी कहा कि, “आज पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों के किसानों को उम्मीद थी कि गृह मंत्री पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) पर राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के पीएम के वादे को पूरा करने के बारे में केंद्र के बारे में बात करेंगे, लेकिन यह आश्चर्य की बात है कि अमित शाह ने ऐसा नहीं किया। इस बारे में एक शब्द तक नहीं बोला।”
वहीं, शाह के इस आरोप का जिक्र करते हुए कि राजस्थान में पिछली सरकार ने 3 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की व्यवस्था की थी। गहलोत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री इस बात से अनजान थे कि यह योजना केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के पात्र परिवारों तक ही सीमित है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने चिरंजीवी योजना शुरू की है जो राजस्थान में हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस बीमा और 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्रदान करती है, जो किसी अन्य राज्य में उपलब्ध नहीं है।
सीएम ने शाह के इस दावे का भी खंडन किया कि वसुंधरा राजे की सरकार ने 50,000 रुपये तक का कर्ज माफ किया था। उन्होंने कहा, “2018 के चुनावी वर्ष में भाजपा सरकार ने सहकारी बैंकों से किसानों के 50,000 रुपये तक के ऋण माफ करने की घोषणा की, जिसके लिए 8000 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने केवल 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। कांग्रेस सरकार शेष 6,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया। हमारी पार्टी ने सत्ता में आने के तीसरे दिन किसान ऋण माफी के वादे को पूरा किया और सहकारी बैंकों से लगभग 21 लाख किसानों के 8,000 करोड़ रुपये के ऋण माफ किए।”