छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक अंतर्गत ग्राम दहदाहा स्थित राजिम रोड के एक शासकीय मिडिल स्कूल से बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है. यहां पढ़ने वाले करीब 30 से 35 छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे की देखा-देखी अपने हाथों को ब्लेड से काटकर खुद को घायल कर लिया. घटना सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और प्रशासन सक्रिय हो गया.
जानकारी के अनुसार यह घटना लगभग 20 से 25 दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब एक अभिभावक ने अपने बच्चे के हाथों पर ताजा और पुराने घावों के निशान देखे. पूछताछ में सामने आया कि स्कूल के कई बच्चों ने सामूहिक रूप से यह हरकत की है. इसके बाद मामला तेजी से फैलते हुए प्रशासन तक पहुंचा.
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स्कूल प्रशासन और विभाग की कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक 13 फरवरी को यह मामला स्कूल प्रशासन के संज्ञान में आया. स्कूल प्राचार्य ने तत्काल संबंधित शिक्षा विभाग को इसकी सूचना दी. 16 फरवरी को बच्चों की काउंसलिंग कराई गई. शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और शिक्षकों को विद्यार्थियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए.
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एसडीएम, मेडिकल टीम और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने भी स्कूल पहुंचकर जांच-पड़ताल की. सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई गई. राहत की बात यह है कि सभी बच्चे अब स्वस्थ बताए जा रहे हैं और उनके घाव भरने लगे हैं.
वजह को लेकर कई आशंकाएं
घटना के पीछे की वजह को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं. कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में अवैध शराब और नशे की गोलियों की बिक्री होती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं किसी मोबाइल गेम या ऑनलाइन “टास्क” के प्रभाव में बच्चों ने ऐसा कदम तो नहीं उठाया. फिलहाल इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
प्रशासन का बयान
कुरूद के एसडीएम ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है. बच्चों की काउंसलिंग और मेडिकल जांच कराई गई है तथा सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है. स्कूल प्रबंधन को भी सतर्क रहने और विद्यार्थियों पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह महज बच्चों की नादानी थी या इसके पीछे कोई मनोवैज्ञानिक अथवा सामाजिक कारण है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्य सामने लाए जाएंगे.