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छत्तीसगढ़ में भाजपा का बड़ा दांव! रमन सिंह नहीं, इस चेहरे पर लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव

Chhattisgarh Assembly Elections: छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। सूत्रों के मुताबिक, तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा नहीं होंगे। सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का विकल्प चुना […]

Chhattisgarh Assembly Elections: छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। सूत्रों के मुताबिक, तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा नहीं होंगे। सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का विकल्प चुना है। ऐसे में ये तय है कि भाजपा पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा चुनाव बिना मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के लड़ने का फैसला किया है। पार्टी का ये फैसला पार्टी के दृष्टिकोण में रणनीतिक बदलाव का संकेत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर दौरे से पहले अंतिम रूप दिया गया है। पार्टी का इरादा पीएम मोदी की लोकप्रिय छवि को भुनाने का है।

मैराथन बैठक के बाद लिया गया ये फैसला

कहा जा रहा है कि इस निर्णय का उद्देशय राज्य इकाई के अंदर मौजूद गुटबाजी पर अंकुश लगाना है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ पिछले सप्ताह आयोजित एक मैराथन बैठक के बाद ये फैसला लिया गया है। छत्तीसगढ़ में बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा, जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच वोट शेयर का अंतर 10 प्रतिशत से अधिक हो गया। 2018 में बीजेपी राज्य की 90 में से केवल 15 सीटें जीतने में सफल रही थी, जबकि कांग्रेस ने 68 सीटें हासिल की थीं। हालांकि, अगले साल यानी 2019 के आम चुनावों में भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया और 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करते हुए राज्य की 11 संसदीय सीटों में से 9 सीटें हासिल की।

मनसुख मंडाविया बनाए गए हैं छत्तीसगढ़ के प्रभारी

भाजपा का मानना है कि बघेल सरकार के पांच साल के कार्यकाल का अंत होना तय है। उनका मानना है कि मौजूद सरकार के खिलाफ राज्य में माहौल बन गया है। भाजपा का मानना है कि छत्तीसगढ़ में पार्टी वापसी कर सकती है। बता दें कि भाजपा ने पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को छत्तीसगढ़ का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। छत्तीसगढ़ के अलावा, मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने हैं, जो अगले साल होने वाले सभी महत्वपूर्ण लोकसभा चुनावों से पहले राज्य के आखिरी दौर के चुनाव हैं।


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