लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार सरकार एवं वाटर एड के संयुक्त तत्वावधान में चाणक्य होटल, पटना में "पेयजल आपूर्ति प्रणाली में परिसंपत्तियों के प्रबंधन एवं पाइप्ड पेयजल प्रबंधन प्रणाली" विषय पर एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित नवीनतम मानक IS 18182:2023 पर विस्तृत चर्चा की गई, जो जल आपूर्ति प्रणालियों की दक्षता, स्थायित्व एवं प्रभावशीलता को बढ़ाने में सहायक है।
कार्यक्रम का उद्घाटन एवं मुख्य बिंदु
कार्यक्रम का उद्घाटन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने सभी कार्यपालक अभियंताओं से आग्रह किया कि पेयजल आपूर्ति प्रणाली में परिसंपत्तियों का प्रबंधन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए ताकि परिसंपत्तियों की आयु बढ़े और जल आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को सभी क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से प्रसारित किया जाए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि "हर घर नल का जल" योजना से जुड़े संवेदक भी इन मानकों का पूर्ण रूप से पालन करें। विभाग को यह भी नियमित रूप से सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी मानकों का अनुपालन हो रहा है।
जल आपूर्ति पर की गई विस्तृत चर्चा
विदित हो कि IS 18182:2023 परिसंपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे जल आपूर्ति प्रणालियों का संचालन अधिक कुशल और प्रभावी बनाया जा सके। यह मानक बुनियादी ढांचे के उचित रखरखाव, संसाधनों के समुचित उपयोग और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य जल आपूर्ति प्रणालियों की दीर्घकालिक स्थिरता और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करना है।
यह भी पढ़ें : बिहार में इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, हर जिले में ग्रीन जोन का हो रहा निर्माण
एक दिवसीय कार्यशाला में प्रधान सचिव पंकज कुमार (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग),अभियंता प्रमुख नित्यानंद प्रसाद, राज्य कार्यक्रम निदेशक (बिहार वाटरएड इंडिया) संजय कुमार सिन्हा एवं भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), पटना शाखा के निदेशक एवं प्रमुख सुमन कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। साथ ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सभी कार्यपालक अभियंताओ ने प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लिया।कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग BIS द्वारा प्रदान किया गया।