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Patna News: अटल पथ पर हंगामा, राजनीतिक लाभ और मुआवजे की रकम के लिए रची गई थी साजिश

पटना में अटल पथ पर जोरदार हंगामा हुआ। इस मामले का खुलासा पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने किया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि हंगामा करने के लिए किराए पर लोगों को बुलाया गया था। पढ़ें पूरा मामला अमिताभ कुमार ओझा की रिपोर्ट…

पटना में सोमवार को अटल पथ पर हुआ हंगामा अब एक सोची-समझी साजिश के रूप में सामने आया है। इस मामले का खुलासा पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने किया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि हंगामा करने के लिए किराए पर लोगों को बुलाया गया था, जिन्हें आगजनी और पत्थरबाजी करने का जिम्मा सौंपा गया था। पूरी घटना का मास्टर माइंड इलाके का वार्ड पार्षद और एक कथित वकील है। इस मामले में इन दोनों के साथ ही अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि 62 लोगो को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

वार्ड पार्षद मास्टरमाइंड

एसएसपी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड स्थानीय वार्ड पार्षद टूटु है। दो बच्चों की मौत के बाद श्वेत रंजन नामक व्यक्ति ने वार्ड पार्षद से मुलाकात कर इस हंगामे की प्लानिंग की थी। इसका मकसद राजनीतिक लाभ उठाने के साथ-साथ मुआवजे की राशि में हिस्सेदारी लेना था।

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हरिहर चैंबर में हुई मीटिंग

जांच में सामने आया कि इस साजिश की रूपरेखा पटना के हरिहर चैंबर में तैयार की गई थी। श्वेत रंजन ने ही बाहर से लोगों को बुलाया और उन्हें अटल पथ पर हिंसा भड़काने का काम सौंपा। हंगामे में महिलाओं को भी शामिल किया गया था।

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पैसे का लेन-देन और हिंसा

पुलिस के अनुसार, वार्ड पार्षद टूटु ने इस पूरे हंगामे के लिए दो लाख रुपए की डील की थी। इसमें 8 लोगों को पैसा बांटा गया और साफ निर्देश दिया गया कि वे अटल पथ पर पत्थरबाजी और आगजनी करें। हंगामे के दौरान पुलिस की गाड़ी और आम लोगों की बाइक को आग के हवाले कर दिया गया था। एसएसपी ने खुलासा किया कि वकील श्वेत रंजन का काम ही इस तरह के हंगामे करना है। वह पहले भी कई बार इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है। इस बार भी वही पूरे षड्यंत्र का मुख्य पात्र था। फिलहाल पुलिस ने दोनों मुख्य षड्यंत्र कर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़ित परिवार का कोई हाथ नहीं

एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार का इस हंगामे से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें केवल मोहरा बनाया गया ताकि उनके नाम पर सहानुभूति और आर्थिक लाभ लिया जा सके।

बच्चों की मौत की जांच जारी

दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुका है और उनका बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, बच्चों के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं मिली है। हालांकि, ओठ और नाखून नीले पड़ गए थे, जिससे पॉइजनिंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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