Land For Job Case Hearing: लैंड फॉर जॉब केस में आज पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. बता दें कि CBI की विशेष अदालत ने आज सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया. लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत 40 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं.
परिवार पर साजिश रचने का आरोप
वहीं केस की सुनवाई करते हुए CBI की विशेष अदालत ने कहा कि मामले में आरोपी लालू प्रसाद यादव के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं. पूरे परिवार ने मिलकर साजिश रची है. पूरे परिवार ने मामले में क्रिमिनल सिंडिकेट की तरह काम किया है. इसलिए जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में उन पर आरोप तय किए जाते हैं और अब ट्रायल शुरू किया जाएगा. मामले की अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को की जाएगी.
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जमीन के बदले बांटी थी नौकरियां
बता दें कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए जमीनों के बदले नौकरियां बांटी थी. रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां देने के बदले जमीनें ली गई थीं. इतना ही नहीं, जमीनें भी लालू यादव ने अपनी पत्नी, बेटे, बेटियों और परिवार के करीबी लोगों के नाम कराई थीं. साल 2004 से साल 2009 तक UPA सरकार में रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने यह घोटाला किया था और आज तक इस घोटाले की जांच चल रही है.
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मामले में CBI-ED ने दर्ज किए केस
मामले की जांच करते हुए CBI ने भ्रष्टाचार का और ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. CBI की चार्जशीट में कुल 103 आरोपियों के नाम थे, जिनमें से 5 आरोपियों की मौत हो चुकी और 52 आरोपी बरी किए जा चुके हैं. बाकी बचे आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं. लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत और अन्य आरोपियों पर धोखाधड़ी, और आपराधिक साजिश रचने के आरोप तय हुए हैं.