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falseरैपिड रेल का नाम 'नमो भारत' रखने पर भड़की JDU, ललन सिंह बोले- वे देश के संविधान को बदल देंगे

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JDU Slams BJP Over Rapid Rail Namo Bharat: भारत की पहली रैपिड रेल का नाम ‘नमो भारत’ रखे जाने पर जदयू ने भाजपा पर तंज कसा है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह ने कहा है कि उनके (प्रधानमंत्री मोदी के) सलाहकार उन्हें देश के संविधान में संशोधन करने का सुझाव दे रहे हैं… वे देश के संविधान को बदल देंगे और इसे नमो संविधान बना देंगे। यह भाजपा और केंद्र का लक्ष्य है।

ललन सिंह ने कहा कि आने वाले चुनाव में भाजपा बेनकाब हो जायेगी। कर्नाटक चुनाव के दौरान हर कोई कह रहा था कि वहां बीजेपी की लहर है, लेकिन जब नतीजे आए तो बीजेपी बुरी तरह हार गई। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में अगले महीने वाले वाले चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे, जिसके बाद देश के लोगों को भाजपा की वास्तविक स्थिति पता चल जाएगी।

बता दें कि दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का पीएम मोदी ने शुक्रवार को नामकरण किया। RRTS को अब ‘नमो भारत’ के नाम से जाना जाएगा। पीएम मोदी ने एक दिन पहले ही दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल का उद्घाटन किया।

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पीएम मोदी ने ही रखी थी आधारशिला

बता दें कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की आधारशिला पीएम मोदी ने 2019 में 8 मार्च को रखी थी। रैपिड रेल की स्पीड करीब 180 किमी प्रति घंटा होगी। PMO के बयान के मुताबिक, NCR में 8 RRTS कॉरिडोर की पहचान की गई है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को करीब 30,000 करोड़ रुपये की अधिक की लागत से बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर के जरिए मेरठ को वाया गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर के जरिए दिल्ली को जोड़ा गया है।

मेट्रो और वंदे भारत से कितनी अलग है रैपिड रेल

बता दें कि मेट्रो और वंदे भारत ट्रेन से रैपिड रेल बिलकुल अलग है। मेट्रो ट्रेनों की स्पीड जहां 80 किलोमीटर प्रतिघंटा है, तो वहीं वंदे भारत 160 की स्पीड से दौड़ती है। इन दोनों से अलग रैपिड रेल की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। इसमें महिलाओं के लिए अलग से कोच होगा, जबकि बिजनेस क्लास के लोगों के लिए भी रिजर्व कोच होगा। रैपिड रेल में QR कोड-आधारित डिजिटल और पेपर टिकटिंग की भी सुविधा होगी।

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‘नमो भारत’ ट्रेन में 5 स्टैंडर्ड और एक प्रीमियम कोच रहेगा। प्रीमियम कोच में 62 सीट, जबकि स्टैंडर्ड कोच में 72 सीटें होंगी। प्रीमियम कोच का न्यूनतम किराया 40 रुपये, जबकि स्टैंडर्ड कोच का किराया न्यूनतम 20 रुपये होगा।

प्रीमियम कोच में सफर करने वाले यात्रियों को गाजियाबाद से गुलधर या फिर दुहाई तक जाने के लिए 40 रुपये खर्च करने होंगे, जबकि इतनी ही दूरी के लिए स्टैंडर्ड कोच के यात्रियों को 20 रुपये देना होगा।

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प्रीमियम कोच में दुहाई से साहिबाबाद तक के लिए 100 जबकि स्टैंडर्ड कोच में 50 रुपये देने होंगे। दोनों ही कोचों में मोबाइल, लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा होगी। प्रीमियम कोच में डायनेमिक रूट मैप, कोर्ट हैंगर, मैगजीन और पानी बॉटल होल्डर, फूड वेंडिंग मशीन लगी है, जबकि स्टैंडर्ड कोच में ये सुविधाएं नहीं मिलेंगी।

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