Bihar Election: बिहार सरकार ने हाल ही में पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारियों के ट्रांसफर किए थे। अब इस पर चुनाव आयोग ने एंट्री की है। मामले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने इस पर आपत्ति जताई है। इसके लिए गुंजियाल ने बिहार के मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) से जुड़े पदों जैसे DIO, ERO, AERO और अन्य निर्वाचन संबंधी पदों को किसी भी हाल में रिक्त न छोड़ा जाए। साथ ही ऐसे अधिकारियों का तबादला बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति करने से मना कर दिया। इसके पीछे आयोग ने तर्क दिया कि SIR में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है। गुंजियाल ने कहा कि सभी विभाग SIR प्रक्रिया को प्राथमिकता दें और कोई भी ट्रांसफर निर्वाचन विभाग की अनुमति के बिना न करें।
डीएसपी और सचिवालय में हुए थे ट्रांसफर
बिहार सरकार ने प्रदेश के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया था। 40 डीएसपी स्तर के अधिकारियों को इधर-उधर किया गया। ट्रांसफर में पटना सिटी, आरा, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों के एसडीपीओ बदले गए। गृह विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद सरकार ने बिहार सचिवालय सेवा के 23 वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला कर दिया। सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादले की अधिसूचना जारी की थी। इतने ट्रांसफर के बाद चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा।
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क्या है SIR प्रक्रिया
इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव में फर्जी मतदाताओं को दूर करने के लिए गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) प्रक्रिया शुरु की थी। वैध मतदाता बनने के लिए आयोग एक फॉर्म भरवा रहा है। सत्यापन के लिए आधार कार्ड और पुरानी वोटर कार्ड को छोड़कर 11 दस्तावेजों को वैध माना गया था। आयोग का दावा है कि इससे अवैध प्रवासियों की पहचान हो सकेगी और मतदान में केवल वैध मतदाता ही भाग ले सकेंगे।
SIR में अब तक क्या?
चुनाव आयोग ने हाल ही बताया कि SIR का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रदेश में 88.65% मतदाताओं ने एन्यूमरेशन फॉर्म भर दिए हैं। वहीं 81.96% यानी 6,47,24,300 फॉर्म को बीएलओ ऑनलाइन अपलोड भी कर चुके हैं। फिलहाल केवल 6.85% मतदाता फॉर्म भरने से बचे हैं। हालांकि चुनाव आयोग के डाटा के हिसाब से पुनरीक्षण के दौरान 35,69,435 मतदाता अपने पते पर मिले ही नहीं। इनमें से करीब 1.59% को संभावित मृत, 2.2% को स्थायी रूप से पलायन और 0.73% को एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाया गया।
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